ये हैं चौंकाने वाले आंकड़े, पियक्कड़ों से योगी सरकार ने की सबसे अधिक कमाई

योगी सरकार ने सबसे अधिक कमाई शराब बेच कर किया है। शराब कारोबार से सरकार ने काफी कमाई की है। शराब कारोबार से सरकार ने काफी कमाई की है। 2016-17 में सरकार ने आबकारी में जहां 14,273 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे, वहीं 2017-18 में इसमें 17,320 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई, जो 2016-17 के मुकाबले 21.3 प्रतिशत ज्यादा है।

धनंजय सिंह

लखनऊ: योगी सरकार में सबसे अधिक लोग शराब पी गए, जिससे सरकार के राजस्व में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। राजस्व वृद्धि के लिए योगी सरकार ने कई विभाग पिछले सरकार की तुलना में कई रिकॉर्ड को तोड़ने में सफल रही।
योगी सरकार ने राजस्व के कुल 6 मदों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पिछले आंकड़ों के प्राप्त राजस्व को देखें तो 2016-17 के सापेक्ष 2017-18 में सरकार को 13.3 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं 2017-18 की तुलना में 2018-19 में लगभग 10 प्रतिशत की छलांग के साथ कुल प्राप्त राजस्व में 23.4 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

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2018-19 में सरकार ने आबकारी 23,925 करोड़ रुपये की कमाई की

योगी सरकार ने सबसे अधिक कमाई शराब बेच कर किया है। शराब कारोबार से सरकार ने काफी कमाई की है। शराब कारोबार से सरकार ने काफी कमाई की है। 2016-17 में सरकार ने आबकारी में जहां 14,273 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे, वहीं 2017-18 में इसमें 17,320 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई, जो 2016-17 के मुकाबले 21.3 प्रतिशत ज्यादा है। 2018-19 में सरकार ने 23,925 करोड़ रुपये की कमाई की, जो पिछली बार के मुकाबले 38.1 प्रतिशत ज्यादा है। 2016-17 के सापेक्ष 2017-18 में आबकारी से प्राप्त राजस्व में जहां 21.3 प्रतिशत वृद्धि हुई थी, वहीं 2017-18 की तुलना में 2018-19 यह वृद्धि 38.1 प्रतिशत हो गई है। वाणिज्य कर में 2016-17 के सापेक्ष 2017-18 में 8.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी, जो 2017-18 की तुलना में 2018-19 में बढ़कर 24 प्रतिशत हो गई है।

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स्टाम्प तथा निबन्ध से 2017-18 में 13,398 करोड़ रुपये प्राप्त हुए

स्टाम्प तथा निबन्ध से भी सरकार को काफी राजस्व प्राप्त हुआ है। इस मद में 2016-17 में 11,564 करोड़ रुपये, तो 2017-18 में 13,398 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जो 2016-17 के सापेक्ष 15.9 प्रतिशत ज्यादा है। 2018-19 में 15,720 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ। 2017-18 की तुलना में इस वर्ष 17.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

परिवहन के क्षेत्र में इस वर्ष सरकार की कमाई में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई

परिवहन के क्षेत्र में भी सरकार की कमाई ठीक रही है। 2016-17 में सरकार ने 5,148 करोड़ रुपये और 2017-18 में 13,398 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो 2016-17 के सापेक्ष 24.4 प्रतिशत ज्यादा है। 2018-19 में सरकार ने 6,930 करोड़ रुपये की कमाई की। 2016-17 की तुलना में इस वर्ष सरकार की कमाई में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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भूतत्व एवं खनिकर्म में 2.9 प्रतिशत की कमी आई

भूतत्व एवं खनिकर्म से प्राप्त राजस्व पर नजर डालें, तो सरकार ने 2016-17 में 1,548 करोड़ रुपये और 2017-18 में 3,259 करोड़ रुपये की कमाई की थी, 2016-17 सापेक्ष इस मद में 110.5 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि हुई। 2018-19 में सरकार ने 3,165 करोड़ रुपये की कमाई की। हलांकि 2017-18 के सापेक्ष इस मद में 2.9 प्रतिशत की कमी आई है।

कृषि विपणन (मण्डी) के क्षेत्र में सरकार को 2018-19 में 1,824 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ

कृषि विपणन (मण्डी) के क्षेत्र में सरकार ने 2016-17 और 2017-18 में 1,552 करोड़ रुपये की कमाई की थी। 2018-19 में इस मद में सरकार को 1,824 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो 2017-18 की तुलना में 17.5 प्रतिशत ज्यादा है।

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विगत 2 वर्षों में राजस्व में वृद्धि

राजस्व प्राप्तियां- वर्ष 2016-17 से 2018-19 (रुपये करोड़ में)
मद 2016-17 2017-18 2018-19
कर राजस्व 85,966 97,393 1,20,227
वाणिज्य कर 51,833 56,487 7,0043
(क)जीएसटी 25,374 46,290
(ख)वैट 31,113 23,753
आबकारी 14,273 17,320 23,925
स्टाम्प एवं निबंधन 11,564 13,398 15,720
परिवहन 5,148 6,404 6,930
भूतत्व एवं खनिकर्म 1,548 3,259 3,165
कृषि विपणन (मण्डी) 1,552 1,552 1,824