ये कंपनी बनाएगी राम मंदिर! यहां जानें कैसी चल रही तैयारी

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अयोध्या में भगवान रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की तैयारियां जोरों पर हैं। वैसे तो मंदिर निर्माण के लिए कई कंपनियों के नामों की चर्चा हैं लेकिन लार्सन एंड टुब्रों (एलएंडटी) इनमें सबसे आगे है।

Published by suman Published: February 28, 2020 | 11:26 am
Modified: February 28, 2020 | 11:33 am

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अयोध्या में भगवान रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की तैयारियां जोरों पर हैं। वैसे तो मंदिर निर्माण के लिए कई कंपनियों के नामों की चर्चा हैं लेकिन लार्सन एंड टुब्रों (एलएंडटी) इनमें सबसे आगे है। कंपनी भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए तकनीकी और निर्माण संबंधी पूरा सहयोग करने की इच्छा रखती है, लेकिन कंपनी निर्माण का कांट्रेक्ट यानी ठेका नहीं लेगी। कंपनी भगवान के मंदिर निर्माण का काम सेवाभाव से करना चाहती है।

मंदिर विकास और प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नपेन्द्र मिश्रा 29 फरवरी को अयोध्या जाएंगे और वहां भगवान के दर्शन करने के बाद शाम को बैठक होगी, जिसमें मंदिर निर्माण और अन्य पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है।

 

यह पढ़ें…राज ठाकरे का बड़ा एलान: घुसपैठियों की पकड़ के लिए बनाया ये प्लान

होगी दूरी कम

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, बने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक दिल्ली में 19 फरवरी को हुई थी, उसके बाद से मंदिर निर्माण के लिए तेजी से काम चल रहा है। इन सारी बातों पर विस्तृत चर्चा और फैसला ट्रस्ट की अगली बैठक में ही हो सकता है। अयोध्या में ट्रस्ट के कार्यालय के लिए भी स्थान ढूंढा जा रहा है। ट्रस्ट के कायार्लय के लिए सुंदर भवन पर भी विचार हो रहा है।

रामलला को नवरात्रि से पहले नये स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रयास होगा। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई तिथि तय नहीं है। भगवान के श्री विग्रह को स्थानांतरित करने में उनकी सुरक्षा और दशनार्थियों की सुविधा का खास ख्याल रखा जाएगा। अभी रामलला के दर्शन करीब 50 फीट दूर से होते हैं। इस दूरी को भी कुछ कम करने पर विचार भी हो रहा है साथ ही भगवान रामलला की परिक्रमा भी थोड़ी बहुत हो सके इस पर विचार हो रहा है। हालांकि, इस सब में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। एसबीआई बैंक में ट्रस्ट का खाता खुलने की भी औपचारिकताएं चल रही हैं।

 

भव्य राममंदिर के निर्माण के साथ भक्तों को एक और तोहफा मिलने जा रहा है। योगी सरकार ढाई सौ करोड़ से लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन हाईवे से श्रीरामजन्मभूमि तक ढाई किमी. में एलिवेटेड रोड बनाने जा रही है। यूपी सेतु निगम ने इसकी डिजाइन के साथ प्रस्ताव शासन को भेजा है। धन का आवंटन होते ही काम शुरू हो जाएगा।

छह दिसंबर 1992 की घटना के बाद तमाम बंदिशों से हजारों भक्त रामलला के रोजाना दर्शन के बगैर ही लौटने को मजबूर होते हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भक्तों व पर्यटकों को श्रीरामजन्मभूमि में विराजमान रामलला का दर्शन-पूजन सुलभ व आरामदायक हो, इसके लिए योगी सरकार एलिवेटेड रोड बनाने जा रही है।

 

यह पढ़ें…सेना पर जानलेवा हमला: विद्रोहियों ने पार की हदें, 34 सैनिकों की दर्दनाक मौत

सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक गेंदा लाल बताते हैं कि लखनऊ-गोरखपुर फोर लेन हाईवे के अयोध्या स्थित महोबरा बाजार बाईपास से श्रीरामजन्मभूमि तक एलिवेटेड रोड बनेगा। यह रोड पीडब्ल्यूडी के सड़क के ऊपर से होते हुए तीन लेन का होगा। इसकी चौड़ाई 10.5 मीटर होगी। साथ ही नीचे बाईपास भी विकसित होगा, जिससे भक्तों व पर्यटकों को अन्य दर्शनीय स्थलों तक जाने में अधिक सहूलियत रहेगी।

डिजाइन बनाकर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वे बताते हैं कि पहले महोबरा के आगे रेलवे क्रॉसिंग पार करते हुए टेढ़ीबाजार तक डीपीआर मांगा गया था, मगर अब इसे करीब 500 मीटर और श्रीरामजन्मभूमि तक बढ़ाने के नए निर्देश के बाद लागत ढाई सौ करोड़ हो जाएगी।

सेतु निगम के मुताबिक शासन ने हाईवे के पास राजा रामचंद्र की नगरी में प्रवेश का एक भव्य द्वार बनाने का भी निर्देश दिया है। इसका अलग से आकलन कराया जा रहा है। यह द्वार करीब 15 मीटर चौड़ा होगा, जहां विभिन्न मूर्तियों की नक्कासी के साथ स्वागत करते हुए चित्र उकेरे जाएंगे। सड़क के किनारे भी इक्क्षाकु वंश के राजाओं की आकृतियां उकेरी जाएंगी, जिसकी भव्यता देख भक्तों को अहसास होगा कि वे त्रेतायुगीन रामनगरी में प्रवेश कर रहे हैं।

एलिवेटेड रोड
एलिवेटेड रोड का निर्माण उन जगहों पर होता है, जहां ट्रैफिक ज्यादा रहता है। साथ ही घनी आबादी की वजह से जमीन का अधिग्रहण मुश्किल हो जाता है। एलिवेटड रोड तकनीकी रूप से एक पुल की तरह होता है। इससे नजदीकी इलाकों को भी एलिवेटेड रोड के सहारे जोड़ा जा सकता है।

अयोध्या में इस रोड का इस्तेमाल कर मात्र 5 मिनट में लोग राममंदिर पहुंच सकते हैं। एक लेन पैदल यात्रियों के लिए होगी, जिससे 20 मिनट में ही रामलला के दर्शन मिल जाएंगे। सड़क में सीसीटीवी कैमरे व सेंसर युक्त कूड़ेदान स्थापित किए जाएंगे। कूड़ा भरते ही यह कूड़ादान सेंसर के माध्यम से नगर निगम को सूचित करेंगे और सफाई भी की जाएगी।

 

यह पढ़ें…भयानक बम विस्फोट से दहला शहर: हर तरफ अफरातफरी, अलर्ट जारी

रोड का शिलान्यास
राममंदिर निर्माण की तिथि की घोषणा श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट की अयोध्या में प्रस्तावित दूसरी बैठक में होना है। इसके पहले 29 फरवरी को यहां आ रहे निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र निर्माण कब शुरू हो, इसकी तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेंगे। सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राममंदिर के भूमि पूजन के बाद राज्य सरकार एलिवेटेड रोड की घोषणा व शिलान्यास भी करा सकती है।