फैमिली प्लानिंगः पुरुष साबित हो रहे इस मामले में फिसड्डी, महिलाएं आगे

लॉकडाउन के दौरान जब परिवार नियोजन की सेवाएँ बहाल हुई, तब महिलाओं ने एक बड़ी जि़म्मेदारी निभाई। सैकड़ों महिलाओं ने परिवार नियोजन के साधनों को अपनाया वही 8 महिलाओं ने नसबंदी भी कराई।

Published by Rahul Joy Published: July 11, 2020 | 11:35 am

झाँसी। वर्तमान में कोरोना संकट से लोग जूझ रहे है, ऐसे में जनसंख्या विस्फोट भी एक ऐसा संकट है जिसके लिए लोगों जागरूक रहना चाहिए। इस समय लोग परिवार नियोजन सेवाओं से अपना मुंह न मोड़े, और इन्हे अपनाते रहे। कोरोना समस्या के साथ ही पहले से ही चली आ रही जनसंख्या वृद्धि की समस्या को भी समझे, और सीमित परिवार की तरफ हमारा रुझान बनाए रहे। यह कहना परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डॉ॰ एन के जैन का।

वह बताते है कि इस वक्त कोरोना महामारी की रोकथाम में पूरा महकमा लगा हुआ है। जिसकी वजह से परिवार नियोजन सेवाएं सुचारू रूप से नहीं चल पा रही थी, लेकिन अब जिला अस्पताल के साथ-साथ समस्त सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भनिरोधक गोलियां, कंडोम की पर्याप्त उपलब्धता है। गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा की भी शुरुआत कर दी गई। इसके अलावा प्रसव पश्चात कॉपर टी (पीपीआईयूसीडी), कॉपर टी (आईयूसीडी) की भी सुविधा सभी प्रसव इकाइयों में शुरू है।

लॉकडाउन के दौरान जब परिवार नियोजन की सेवाएँ बहाल हुई, तब महिलाओं ने एक बड़ी जि़म्मेदारी निभाई। सैकड़ों महिलाओं ने परिवार नियोजन के साधनों को अपनाया वही 8 महिलाओं ने नसबंदी भी कराई। हालांकि परिवार नियोजन में पुरुष की भागीदारी अभी भी विचारणीय विषय है।

जनपद में जनसंख्या नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। समय-समय पर हेल्थ वर्कर घर-घर जाकर महिला-पुरूषों को ‘छोटा परिवार-सुखी परिवारÓ के फायदे गिनाते हैं। साथ ही छोटे परिवार के लिए प्रेरित करते हैं।

इस दिग्गज डॉक्टर का दावा-दुनिया से पूरी तरह से खत्म नहीं होगा कोरोना वायरस

जनपद का आंकड़ा-

स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़े के अनुसार लॉकडाउन में अप्रैल 2020 से जून 2020 तक 8 महिलाओं ने नसबंदी कराई, 331 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी, 216 ने आईयूसीडी अपनाया, 97 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाएँ। वही 403 छाया गोली, 4844 ओरल पिल, 740 ईसी पिल का प्रयोग महिलाओं के द्वारा किया गया।

एक दिन में 70 हजार मामले, पर ट्रंप इसलिए नहीं पहन रहे मास्क

दंपतियों को उपलब्ध कराएं बास्केट आफ च्वाइस- सीएमओ

11 जुलाई से शुरू हो रहे विश्व जनसंख्या पखवाड़े में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ जी के निगम ने एएनएम, आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्य कर्मियों को पत्र के माध्यम से संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए उक्त कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को परिवार नियोजन के लिए प्रेरित करें। देशहित में प्रत्येक लक्ष्य दंपतियों से संपर्क कर बास्केट आफ च्वाइस उपलब्ध कराएं। महिला-पुरूष नसबंदी में दी जाने वाले प्रोत्साहन राशि की जानकारी दें।

नसबंदी से नहीं आती कमजोरी, पुरुष आगे आएं

परिवार नियोजन को लेकर महिला-पुरुष का बड़ा अंतर भ्रांतियों की वजह से है। जागरूकता की कमी से पुरुष नसबंदी नहीं कराते। समय-समय पर अभियान, शिविर व कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें प्रेरित किया जाता है। कुछ पुरूषों का मानना है कि नसबंदी कराने से शारीरिक दिक्कतें आती हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। लोगों को मन से भ्रांति निकालकर परिवार नियोजन में आगे आना चाहिए।

रिपोर्टर – बी के कुशवाहा, झांसी

विकास दुबे एनकाउंटरः पूर्व डीजीपी ने पुलिस को घेरा, उठाए सुरक्षा पर सवाल

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App