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आंखों से निकले इश्क का मोती तो हो जाए सतर्क! भयंकर बीमारी का है सकेंत

आंखों से निकले आंसूओं को जो इश्क का मोती समझते थे, तो अब हो जाए सतर्क क्योंकि ये आंख का मोती नही बल्कि हो सकती है भयंकर बीमारी। क्या कभी आपने सुना है कि रोते समय किसी की आँखोें से आंसू की बजाय क्रिस्टल गिरते है? लेकिन आपको दें कि यह कोई फेक खबर नहीं है बल्कि सच वाक्या है।

Vidushi Mishra

Vidushi MishraBy Vidushi Mishra

Published on 24 Sep 2019 12:13 PM GMT

आंखों से निकले इश्क का मोती तो हो जाए सतर्क! भयंकर बीमारी का है सकेंत
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नई दिल्ली : आंखों से निकले आंसूओं को जो इश्क का मोती समझते थे, तो अब हो जाए सतर्क क्योंकि ये आंख का मोती नही बल्कि हो सकती है भयंकर बीमारी। क्या कभी आपने सुना है कि रोते समय किसी की आँखोें से आंसू की बजाय क्रिस्टल गिरते है? लेकिन आपको दें कि यह कोई फेक खबर नहीं है बल्कि सच वाक्या है। जीं हां आर्मेनिया के स्पेंडरियन की रहने वाली 22 साल की सैटनिक काजारियन जब रोती हैं तो उनकी आंखों से आंसू की बजाय क्रिस्टल निकलते है।

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22 साल की सैटनिक काजारियन की आंखों से रोज आंसू की जगह 50 क्रिस्टल निकलते हैं। महिला की इस बीमारी को डॉक्टर भी नहीं समझ पा रहे हैं। डॉक्टर भी महिला की आंख की जांच में लगे हुए है कि आखिर ऐसी क्या वजह है जो क्रिस्टल निकल रहे हैं।

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इसके साथ ही डॉक्टरों की टीम ये भी पता करने की कोशिश कर रही है कि आंखों से जो क्रिस्‍टल निकल रहे है वो किस चीज से बने हैं। वहीं, सैटनिक यानी पीड़ित महिला का कहना है कि इस बीमारी के कारण उसकी जिंदगी बर्बाद हो चुकी है।

ऐसे करती हैं गुजर-बसर

आइए बताते हैं कि सैटनिक की जिंदगी के बारे में। सैटनिक एक बच्चे की मां हैं। उनका परिवार खेती करके गुजर-बसर कर रहा है। वे बहुत ज्यादा अमीर नहीं है। इस स्थिति में उनका महंगा इलाज करा पाना संभव नहीं है।

उन्‍होंने बताया कि कुछ समय पहले मैं दांतों के डॉक्टर के पास गई थी। तभी मुझे आंखों में धूल जैसा कुछ महसूस हुआ। देखने पर पता चला कि ये धूल नहीं है बल्कि आंखों से क्रिस्टल जैसा कुछ निकल रहा है। आंखों से निकले क्रिस्‍टल्‍स को लेकर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ के पास गए। शुरुआत में दवाओं से थोड़ी राहत मिली, लेकिन अब पहले के मुकाबले ज्‍यादा क्रिस्टल निकल रहे हैं।

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डॉक्टर्स की समझ से परे है बीमारी

पीड़ित महिला सैटनिक ने बताया कि डॉक्‍टर्स को मेरी बीमारी समझ नहीं आ रही है। इसलिए इलाज भी शुरू नहीं हो पा रहा है। सैटनिक की रिश्तेदार स्‍वेतलाना अवेजियन ने बताया कि एक बार फार्म पर काम करने के दौरान काजारियन की आंखों से क्रिस्टल निकलना शुरू हो गए।

हमने पहले क्रिस्टल को हटाकर ग्लास में रख दिया। इसके बाद दर्द बढ़ता गया और एक-एक कर आंसू बाहर आते गए। हम उसे डॉक्टर के पास लेकर गए। उन्होंने पहले कभी ऐसा कुछ देखा नहीं था। इसलिए उन्हें हमारी बात पर भरोसा ही नहीं हुआ।

बीमारी असाधारण है...

इस पीड़ित महिला की बीमारी पर रशियन नेत्र विशेषज्ञ तात्याना शिलोवा ने बताया कि यह असाधारण है। इसकी पैथोलॉजी जांच होना मुश्किल है। इसलिए बीमारी की वजह समझना भी मुश्किल है। आंसू में प्रोटीन, वसा और कुछ सूक्ष्म तत्व होते हैं। अगर, इसमें नमक की मात्रा बढ़ती है तो यह क्रिस्टल में बदल जाते हैं। आंसुओं में प्रोटीन की अधिकता भी एक कारण हो सकती है।

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आगे डॉक्टर शिलोवा का कहना है कि अनुवांशिक रोग भी इसका कारण हो सकते हैं। क्रिस्टल आंखों के साथ ही लीवर, किडनी जैसे अंगों में भी हो सकते हैं, जहां नमक की अधिकता होती है। इसकी तुरंत जांच होनी चाहिए। लेकिन सैटनिक की ये बीमारी अभी भी रहस्य ही बनी हुई है।

Vidushi Mishra

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