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चीन और इस देश के बीच कभी भी हो सकता है युद्ध, तैनात किए जंगी जहाज-फाइटर जेट

अमेरिका-ईरान के बीच चल रहा तनाव खत्म भी नहीं हुआ था कि अब चीन और इंडोनेशिया के बीच तनाव बढ़ गया है। इस दौरान इंडोनेशिया ने नतूना द्वीपसमूह पर अपने कई जंगी जहाज और लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 9 Jan 2020 12:07 PM GMT

चीन और इस देश के बीच कभी भी हो सकता है युद्ध, तैनात किए जंगी जहाज-फाइटर जेट
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नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान के बीच चल रहा तनाव खत्म भी नहीं हुआ था कि अब चीन और इंडोनेशिया के बीच तनाव बढ़ गया है। इस दौरान इंडोनेशिया ने नतूना द्वीपसमूह पर अपने कई जंगी जहाज और लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक दक्षिण चीन सागर के एक द्वीप पर अपना अधिकार जताने के लिए नतुना द्वीपसमूह पर कई युद्धपोत और लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं। इतना ही नहीं वहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो भी पहुंचे हैं।

राष्ट्रपति विडोडो के पहुंचने से पहले ही इंडोनेशिया की सेना अपनी तैनाती बढ़ा दी थी। वहां पहुंचकर विडोडो ने कहा कि इस द्वीप पर सिर्फ इंडोनेशिया का अधिकार है जबकि क्षेत्र में चीन का इंडोनेशिया के अलावा वियतनाम, फिलीपींस और मलेशिया के साथ भी विवाद चल रहा है।

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पिछले दिनों इस विवादित क्षेत्र से चीन के कई जहाज गुजरे थे जिसके बाद तनाव बढ़ गया है। इसके बाद इंडोनेशिया ने चीन के राजदूत को तलब कर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।

बता दें कि चीन पूरे दक्षिण चीन सागर क्षेत्र पर अपना एकाधिकार जताता आया है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार के प्रमुख मार्ग के अलावा मछलियों का बहुत बड़ा भंडार भी माना जाता है।

दक्षिण चीन सागर मामला

दक्षिणी चीन सागर पर चीन हमेशा अपना हक जताता आ रहा है जबकि इंडोनेशिया और वियतनाम के बीच पड़ने वाला समंदर का हिस्सा करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस हिस्से पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताईवान और ब्रुनेई अपना दावा करते हैं। इस इलाके में जीवों की सैकड़ों प्रजातियां पाई जाती हैं। अमेरिकी भी कई बार इसको लेकर चीन को चेतावनी दे चुका है।

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इस इलाके को लेकर करीब चार साल पहले चीन के समंदर में खुदाई करने वाले जहाज, बड़ी तादाद में ईंट, रेत और बजरी लेकर दक्षिणी चीन सागर गए।

उन्होंने एक छोटी समुद्री पट्टी के इर्द-गिर्द, रेत, बजरी, ईंटों और कंक्रीट की मदद से बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया और पहले एक बंदरगाह बना लिया फिर हवाई जहाजों के उतरने के लिए हवाई पट्टी बना ली।

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इसके बाद चीन ने दक्षिणी चीन सागर में एक आर्टिफ़िशियल द्वीप तैयार कर के उस पर सैन्य अड्डा बना लिया। इस इलाके में चीन ने धीरे-धीरे करके कई छोटे द्वीपों पर सैनिक अड्डे बना लिए, फिर इस पर विवाद शुरू हो गया।

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