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चीन ने बनाया ये रिकॉर्ड: पहुंचा विश्व की सबसे गहरी जगह, जानें इसके बारे में

कोरोना वायरस के बीच चीन ने दुनिया की सबसे गहरी बिंदु तक गोता लगाने का एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। चीन ने अपने मानवरहित डीप-सी सबमर्सिबल हायदोउ-1 को मारियाना ट्रेंच, जो कि दुनिया की सबसे गहरी जगह है, वहां तक पहुंचा दिया है।

Shreya
Updated on: 11 Jun 2020 12:19 PM GMT
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बीजिंग: चीन ने दुनिया की सबसे गहरी बिंदु तक गोता लगाने का एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। चीन ने अपने मानवरहित डीप-सी सबमर्सिबल हायदोउ-1 को मारियाना ट्रेंच, जो कि दुनिया की सबसे गहरी जगह है, वहां तक पहुंचा दिया है। यह खबर नौ जून 2020 को मीडिया में सामने आई।

चीन के पनडुब्बी ने नापी दुनिया की सबसे गहरी जगह

हायदोउ-1 मारियाना ट्रेंच एबिस में चार बार दस हजार मीटर के नीचे यानी करीब 33 हजार फीट की गहराई तक गया। यहां तक कि यह 10,907 मीटर समुद्री गहराई यानी 35,784 फीट गहराई तक पहुंच गया था।

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‘मारियाना ट्रेंच’ तक पहुंचने का कीर्तिमान

सबमर्सिबल गहर पानी के अंदर तक जाने वाली एक मशीन होती है, जिसका इस्तेमाल अधिकतर वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए किया जाता है। चीन के सबमर्सिबल ने विश्व के सबसे गहरी जगह ‘मारियाना ट्रेंच’ तक पहुंचने का कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

23 अप्रैल 2020 को लगाया था अपना पहला गोता

जानकारी के मुताबिक, चीने के सबमर्सिबल हायदोउ-1 ने 23 अप्रैल 2020 को अपना पहला गोता लगाया था। इसके बाद उसने चार बार गोते लगाए, इस दौरान यह करीब 33 हजार फीट की गहराई तक गया। वहीं सबमर्सिबल मरियाना ट्रेंच की पूरी गहराई नापकर नौ मई को बाहर आया।

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हायदोउ-1 ने सतह पर की सॉफ्ट लैंडिंग, ली तस्वीरें

हायदोउ-1 ने मरियाना ट्रेंच की गहराई नापने के साथ- साथ उसकी सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग भी की। साथ ही समुद्र की तलहटी में कई जीवों की तस्वीरें ली और वीडियो बनाए।

रिमोट कंट्रोल्ड पनडुब्बी है हायदोउ-1

पनडुब्बी हायदोउ-1 को चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के शेनयांग इंस्टीट्यूट ऑफ ऑटोमेशन ने तैयार किया है। यह मानवरहित पनडुब्बी है, जो एक रिमोट कंट्रोल्ड पनडुब्बी है। इसके सारे आर्म्स रिमोट से ही कंट्रोल किए जाते हैं।

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मारियाना ट्रेंच की कुछ खास बातें-

मारियाना ट्रेंच विश्व की सबसे गहरी जगह है। वहां समुद्र 10,898 मीटर से 10,916 मीटर तक गहरा है, यानी करीब 11 किलोमीटर की गहराई है।

मरियाना ट्रेंच फिलीपींस के पूर्व में स्थित है।

मरियाना ट्रेंच इतना गहरा है कि यहां पर सूरज की रोशनी तक नहीं पहुंचती।

प्रशांत महासागर में पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर खाइयों की श्रृंखला मिलती है, जिसमें मरियाना ट्रेंच सबसे ज्यादा गहरा है।

मारियाना गर्त का आकार अर्धचंद्र है जो लगभग २,५५० किमी लम्बा और ६९ किमी चौड़ा है।

साल 2009 में, मेरियाना ट्रेंच को अमेरिका के राष्ट्रीय स्मारक के रूप में स्थापित किया गया था।

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