कोरोना पेशेंट का ऑनलाइन अंतिम संस्कार, फूट फूट कर रोई मां

कई बार कोरोना मरीजों के परिजन अंतिम वक्त में अपने परिजन से मिल भी नहीं पा रहे हैं। तो कहीं कोरोना से मरने वालों के शरीर को छूने पर भी पाबंदी है। कई बार कोरोना के लक्षण प्रकट होते ही रोगी को उसके प्रियजनों से दूर कर दिया जाता है। उसे आइसोलेट कर दिया जाता है।

कोरोना एक ऐसी खतरनाक महामारी बन कर विश्व में फैला है जिसने लोगों की संवेदनाओं और भावनाओं पर गहरा आघात किया है यहां तक कि लोग कोरोना बीमारी से मरने वालों के अंतिम संस्कार तक में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। कहीं पर कोरोना पीड़तों से मरने वालों को सामूहिक कब्रगाह में दफनाया जा रहा है तो कहीं दफनाने की जगह जलाया जा रहा है। ऐसी ही एक दर्दनाक खबर कोरोना वायरस की शिकार हो कर मरने वाली 13 साल के बच्चे की आई है जिसका ऑनलाइन अंतिम संस्कार देख कर मां फूट फूट कर रोई।

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कई बार कोरोना मरीजों के परिजन अंतिम वक्त में अपने परिजन से मिल भी नहीं पा रहे हैं। तो कहीं कोरोना से मरने वालों के शरीर को छूने पर भी पाबंदी है। कई बार कोरोना के लक्षण प्रकट होते ही रोगी को उसके प्रियजनों से दूर कर दिया जाता है। उसे आइसोलेट कर दिया जाता है।

मार्मिक दृश्य

दुख की इस घड़ी में अपने प्रियजन को देख न पाना उसे छू न पाना किसी भी मां के लिए मर्माहत करने वाला होता है। ब्रिटेन में जहां कोरोना भयानक रूप से फैल चुका है। सबसे कम उम्र 13 साल के बच्चे की मौत से कोहराम मच गया है। इस बच्चे की मां और 6 भाई-बहनों को भी प्रशासन व डाक्टरों की सलाह पर आइसोलेशन में रखा गया है। इसी कारण इस बच्चे की जब मौत हुई तो ब्रिटेन के ब्रिक्सटन में रहने वाले इस बच्चे का अंतिम संस्कार उसके परिजन ऑनलाइन ही देख सके।

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डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बच्चे के अंतिम संस्कार में कुछ चुनिंदा रिश्तेदार ही शामिल हो सके। इसके लिए भी इन लोगों को प्रोटेक्टिव सूट पहनाया गया था और डेड बॉडी से 2 मीटर की दूरी पर रहने को कहा गया था। इस परिवार में अभी भी दो और लोगों में कोरोना के लक्षण हैं।