×

फिर आएगा कोरोना! वैज्ञानिकों की चेतावनी, Covid-19 बन सकता है मौसमी बीमारी

एक नई जानलेवा बिमारी के तौर पर अस्तित्व में आया कोरोना वायरस अब मौसमी बीमारी का रूप ले सकता है। दरअसल, एक शोध के मुताबिक़, अगर कोरोना से लड़ने के लिए कारगर दवाएं या वैक्सीन न बनाई गयी तो ये वायरस मौसमी बिमारी में बदल सकता है।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 28 March 2020 3:30 AM GMT

फिर आएगा कोरोना! वैज्ञानिकों की चेतावनी, Covid-19 बन सकता है मौसमी बीमारी
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

नई दिल्ली: एक नई जानलेवा बिमारी के तौर पर अस्तित्व में आया कोरोना वायरस अब मौसमी बीमारी का रूप ले सकता है। दरअसल, एक शोध के मुताबिक़, अगर कोरोना से लड़ने के लिए कारगर दवाएं या वैक्सीन न बनाई गयी तो ये वायरस मौसमी बिमारी में बदल सकता है।

अमेरिका के वैज्ञानिकों ने कोरोना पर किया शोध

दुनिया के कई देश कोरोना के प्रकोप से परेशान है। एक व्यक्ति से दूसरे तक बड़ी सरलता से फैलने वाले इस वायरस से अब तक कई देशों में कुल हजारों की संख्या में लोगों की मौत हो गयी है। हालांकि अभी तक इस बिमारी को लेकर कोई प्रभावी इलाज सामने नहीं आया है। ऐसे में अमेरिका के वैज्ञानिकों द्वारा कोरोना पर किये गए शोध पर आई एक रिपोर्ट काफी चिंताजनक है।

ये भी पढ़ेंः मालकिन से बिल्ली में पहुंचा कोरोना वायरस, खुलासे से मचा दुनिया भर में हड़कंप

अगले मौसम में कोरोना की वापसी संभव

जानकारी के मुताबिक, अमेरिका के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने कोरोना को लेकर एक शोध किया। जिसके बाद कहा गया कि प्रबल संभावना है कि अगले मौसम में कोरोना की वापसी हो सकती है। वैज्ञानिकों ने सलाह दी कि जल्द से जल्द वायरस का टीका और प्रभावी इलाज ढूढ़ना बेहद जरुरी है।

ये भी पढ़ेंः कोरोना पर भारत की बड़ी सफलता, वैज्ञानिकों ने खोज निकाली ये चीज

मौसम के आधार पर कोरोना होता है विकराल:

लगातार ये कहा जा रहा है कि गर्मी बढ़ने पर कोरोना खत्म हो सकता है। हालाँकि इस बात की पुष्टि तो नहीं की जा सकती कि गर्मी में कोरोना की क्या स्थिति होगी, लेकिन ठंड के मौसम में कोरोना के ज्यादा सक्रिय और असरदार होने की संभावना होती है। इसकी वजह भी है।

ये है वजहः

दरअसल, ठंड के मौसम में सांसों से निकले ड्रॉपलट्स ज्यादा देर तक हवा में रह सकते हैं और साथ ही ठंड में इंसान की प्रतिरोधी क्षमता कम हो जाती है।

ये भी पढ़ेंः खुशखबरी! तैयार हुई कोरोना की दवा, इस डॉक्टर ने किया दावा

इसी थ्योरी के आधार पर कहा गया कि गरम सतहों पर ये वायरस जल्दी ही खत्म हो जाते हैं क्योंकि उनके ऊपर की फैट की सुरक्षा सतह जल्दी ही सूख जाती है।

वैज्ञानिकों का शोध परिणाम निकला सही, तो बढ़ेंगी मुश्किलें:

जिस तरह के दावे वैज्ञानिक कर रहे हैं, उससे चिंता बढ़ सकती है। क्योंकी भले ही अभी लॉकडाउन के जरिये वायरस को बढ़ने और फैलने से रोक सकते हैं लेकिन दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां अब सर्दी का मौसम आने वाला है। ऐसे में अगर वहां वायरस फैलेगा तो अन्य देशों पर भी उसका असर पड़ेगा।

दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Shivani Awasthi

Shivani Awasthi

Next Story