नेपाल में ओली को दो दिन की राहत, अब सोमवार को होगा पीएम की किस्मत का फैसला

नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के इस्तीफे पर फैसला दो दिन टल गया है। शनिवार को होने वाली स्टैंडिंग कमेटी की बैठक एन वक्त पर चल जाने से ओली…

अंशुमान तिवारी

काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के इस्तीफे पर फैसला दो दिन टल गया है। शनिवार को होने वाली स्टैंडिंग कमेटी की बैठक एन वक्त पर चल जाने से ओली को सोमवार तक की मोहलत मिल गई है। अब हर किसी की नजर सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के प्रखर विरोधी पुष्प कमल दहल प्रचंड और ओली के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी है।

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पार्टी को टूट से बचाने का दबाव

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत से ही सोमवार को होने वाले फैसले का संकेत मिलेगा। दोनों ही नेताओं पर पार्टी को टूटने से बचाने का दबाव है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि सत्तारूढ़ पार्टी में पैदा हुए संकट का हल आपसी सहमति और बातचीत के जरिए निकाला जाए। इस बीच ओली ने राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से भी मुलाकात की है।

ओली ने मांगा पार्टी नेताओं से सहयोग

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में एक वर्ग काफी प्रभावशाली माना जाता है और ओली ने इस वर्ग के कई नेताओं से मुलाकात कर संकट की इस घड़ी में सहयोग देने की अपील की। अपनी कुर्सी बचाने के लिए बेकरार ओली ने इनमें से कुछ नेताओं के ऑफिस में मुलाकात की तो कुछ नेताओं से मुलाकात करने ओली उनके घर तक पहुंच गए। प्रचंड से भी उनकी मुलाकात हुई और दोनों नेताओं के बीच तीन घंटे तक बातचीत हुई है।

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ओली पर इस्तीफे का भारी दबाव

इस बीच नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में ओली पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता ही जा रहा है। पार्टी की स्थायी समिति के 44 में से 33 सदस्यों ने मांग की है कि ओली को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके बाद गुरुवार को ओली के इस्तीफे पर अंतिम सहमति न बन पाने के कारण बैठक टाल दी गई थी। वैसे भारत के साथ सीमा विवाद खड़ा होने के बाद पार्टी के भीतर भी टूट का खतरा पैदा हो गया है। पिछले दिनों पार्टी की स्थायी समिति की 7 दिन चली बैठक में ओली ने सिर्फ दो बैठकों में ही हिस्सा लिया था। इस दौरान वे विभिन्न नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने से बचते रहे।

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नई पार्टी बना सकते हैं ओली

वैसे नेपाल के सियासी हलकों में यह भी चर्चा है कि ओली नई पार्टी का गठन कर सकते हैं। जानकारों का कहना है कि उन्होंने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-यूएमएल के नाम से पार्टी का रजिस्ट्रेशन भी कराया है। नेपाल में गहराते सियासी संकट के बीच राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नेपाल में चीन की राजदूत होऊं यांगी को अपने घर डिनर पर बुलाया। जानकारों का कहना है कि दोनों के बीच नेपाल के सियासी संकट पर चर्चा हुई। भारतीय इलाकों को नेपाल के विवादित नक्शे में शामिल करने के पीछे भी यांगी का ही दिमाग बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि उन्होंने ओली और अन्य नेताओं को इसके लिए मानसिक रूप से तैयार किया।

चीन की राजदूत की सक्रिय भूमिका

जानकारों का कहना है कि नेपाल में चीन के राजदूत यांगी नेपाल के सियासी संकट को हल करने की कोशिश में जुटी हुई हैं। उन्होंने हाल के दिनों में प्रधानमंत्री ओली के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री व नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड से भी मुलाकात की है। पार्टी के कई अन्य नेताओं से भी उनकी बातचीत हुई है। सूत्रों के मुताबिक वए नेपाल में राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल खत्म करने की कोशिश में लगी हुई हैं।

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