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लाखों कुत्तों को खा जाएंगे चीनी, शुरु हुआ ये फेस्टिवल, ऐसे की जाती है बर्बरता

कोरोना वायरस पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। चीन के वहुान से यह जानलेवा वायरस फैला है। कहा गया कि यह महामारी चमगादड़ के खाने से फैला है। लेकिन इसके बावजूद चीनी जानवरों के खाने का शौक नहीं छोड़ रहे हैं।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 24 Jun 2020 4:58 PM GMT

लाखों कुत्तों को खा जाएंगे चीनी, शुरु हुआ ये फेस्टिवल, ऐसे की जाती है बर्बरता
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नई दिल्ली: कोरोना वायरस पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। चीन के वहुान से यह जानलेवा वायरस फैला है। कहा गया कि यह महामारी चमगादड़ के खाने से फैला है। लेकिन इसके बावजूद चीनी जानवरों के खाने का शौक नहीं छोड़ रहे हैं।

बीते साल साल वुहान से चमगादड़ों से जानलेवा महामारी फैलने के बाद अब चीन के युलिन शहर में कुत्तों का बाजार सजा दिया गया है। यहां दस दिन तक सालाना ‘डॉग मीट फेस्टिवल’ यानी कुत्तों के मांस के मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में लाखों कुत्तों को काट दिया जाएगा।

कोरोना महामारी के संकट के बीच कुख्यात यूलिन डॉग मीट फेस्टिवल की शुरुआत हो चुकी है। अब यह डॉग मीट फेस्टिवल फिर किसी बड़े संक्रमण का खतरा पैदा कर सकता है, लेकिन चीन की सरकार ने इसे नरभक्षी आयोजन को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।

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चीन में कुत्तों का मीट बेचने वाले कसाई व्यापारी सड़क से ही आवार कुत्तों को सड़कों से उठाकर ले जाते हैं या फिर कुत्तों को लोगों के घरों से भी चुरा ले जाते हैं। इसके बाद कुत्तों को ऐसा किया जाता है जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे।

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पिंजरों में बंद कर दिया जाता है

इन कुत्तों को लोहे के पिंजरों में बंद कर दिया जाता है और इन्हें कई दिनों तक खाना पीना नहीं दिया जाता है। इनकी हत्या करने के बाद इनको मीट मार्केट में टांग दिया जाता है। यूलिन के कई रेस्टोरेंट्स में इनका मांस बेचा जाता है।

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फेस्टिवल की शुरुआत 2010 में हुई

चीन के लोगों के लिए ये बर्बरता दुनिया में निंदा की जाती है। इस बर्बरता को चीन ने एक मीट फेस्टिवल का नाम दे दिया है। ये यूलिन डॉग मीट फेस्टिवल का चीन में हर साल आयोजन होता है। डॉग मीट फेस्टिवल की शुरुआत 2010 में हुई और तभी इसका लगातार हर साल आयोजन हो रहा है।

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