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फंस गए इमरान खान: सांसद-विधायक निलंबित, पाक चुनाव आयोग ने की कड़ी कार्रवाई

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरयम नवाज ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान खुद अपने ही बनाए जाल में फंस गए हैं। उन्होंने कहा कि इमरान सरकार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामलों में फंसाना चाहती थी।

SK Gautam

SK GautamBy SK Gautam

Published on 19 Jan 2021 2:14 PM GMT

फंस गए इमरान खान: सांसद-विधायक निलंबित, पाक चुनाव आयोग ने की कड़ी कार्रवाई
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नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, अपने मंत्रियों और विधायकों की वजह से बुरे फंसे हैं। पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने अपनी संपत्तियों का विवरण पेश करने में विफल रहने पर सीनेट और प्रांतीय विधानसभाओं के 154 सदस्यों की सदस्यता को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इन सदस्यों को जल्द से जल्द अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी देने का आदेश दिया गया है और ऐसा जब तक वे नहीं करते उन्हें निलंबित ही माना जाएगा। निलंबित हुए सांसदों में कई इमरान सरकार के मंत्री भी शामिल हैं।

लापरवाही पर सांसदों और विधायकों का होगा निलंबन

पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के अनुसार ये 154 सांसद और विधायक तब तक निलंबित रहेंगे जब तक कि अपनी संपत्तियों का वार्षिक ब्यौरा (financial statements) जमा नहीं कर देते। यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने ऐसी सख्त‍ कार्रवाई की है। पाकिस्ताजनी अखबार के मुताबिक पाक में निर्वाचन आयोग हर साल ऐसी लापरवाही पर कई सांसदों और विधायकों की सदस्यता को अस्था‍ई तौर पर निलंबित कर देता है।

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हर साल सांसदों विधायकों को देना होता है संपत्ति का ब्यौरा

बता दें कि जिन पाकिस्ताानी सांसद विधायकों की सदस्याता निलंबित की गई है उनमें अंतर-प्रांतीय समन्वय मंत्री फहमिदा मिर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी और समुद्री मामलों के मंत्री हैदर जैदी शामिल हैं। पाकिस्‍तान में नियम है कि हर साल सांसदों विधायकों को अपनी आय या संपत्ति का ब्यौरा जमा करना होगा। सांसदों विधायकों को हर साल दिसंबर महीने में ऐसा करना होता है।

आश्रित बच्चों की संपत्तियों और दायित्वों का भी ब्यौरा देना अनिवार्य

पाकिस्तान में चुनाव अधिनियम 2017 की धारा 137(1) के मुताबिक सांसदों और विधायकों के लिए हर साल 31 दिसंबर तक पत्नी और आश्रित बच्चों की संपत्तियों और दायित्वों के बारे में भी स्टेटमेंट दाखिल करना अनिवार्य हैं। कानून के मुताबिक सांसदों और विधायकों की सदस्यता तब तक निलंबित रहती है जब तक वे अपनी संपत्तियों के स्टेटमेंट दाखिल नहीं कर देते। चुनाव आयोग ने पिछले साल भी 300 से ज्यादा सांसदों-विधायकों को निलंबित किया था। हालांकि कानूनी अनिवार्यता पूरी करने के बाद ज्यादातर सांसदों और विधायकों की सदस्यता बहाल हो गई थी।

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इमरान से लगातार इस्तीफे की मांग

उधर पाकिस्तान में इमरान सरकार पर 31 जनवरी तक इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। ग्यारह विपक्षी दलों के संगठन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और सरकार की दिक्कतें बढ़ गई हैं। पाकिस्तान का विपक्षी गठबंधन 19 जनवरी को चुनाव आयोग के सामने प्रदर्शन करने की योजना बना रहा है। इसी दिन मरयम नवाज रावलपिंडी में एक बड़ी रैली भी करेंगी।

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इमरान खुद ही ब्रोडशीट केस में फंस गए

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरयम नवाज ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान खुद अपने ही बनाए जाल में फंस गए हैं। उन्होंने कहा कि इमरान सरकार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामलों में फंसाना चाहती थी। अब इमरान खुद ही ब्रोडशीट केस में फंस गए। उन्होंने कहा कि नवाज के खिलाफ जो भी केस हैं वह समाप्त हो जाएंगे। ये सब बदले की भावना से लगाए गए हैं। मरयम ने लाहौर में एक बड़ी सभा को भी संबोधित किया।

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