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भारत के किसानों के दर्द से कराह उठे ब्रिटेन और कनाडा के सांसद, किया ये बड़ा एलान

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडों ने भी भारत के किसानों के साथ समर्थन जाहिर किया है। ट्रूडो ने गुरुपूरब के मौके पर कनाडा के लोगों, खासकर सिखों को शुभकामना भी संदेश दिया था।

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Published on: 1 Dec 2020 8:15 AM GMT
भारत के किसानों के दर्द से कराह उठे ब्रिटेन और कनाडा के सांसद, किया ये बड़ा एलान
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किसानों के समर्थन में ब्रिटेन के लेबर पार्टी के सांसद और रेल मंत्री तनमनजीत सिंह ने ट्वीट किया और कहा कि मैं इनके साथ खड़ा हूं।
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नई दिल्ली: भारत के अंदर किसानों के आन्दोलन का आज 6वां दिन है। हरियाणा, पंजाब, यूपी समेत देश के अलग-अलग राज्यों के किसान इस वक्त दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए हैं।

उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करती है। वे यहां से घर लौटकर जाने वाले नहीं हैं।

उन्होंने रहने और खाने-पीने के अलावा अन्य जरूरी सामान भी साथ लाया हुआ है।

यहां तक कि मोबाइल चार्ज करने के लिए उन्होंने अपने पास बैटरी का भी बन्दोबस्त कर रखा है। जिससे एक साथ कई किसानों के मोबाइल चार्ज हो रहे हैं। उन्होंने रोड पर ही झोपड़ियां बनाने और 26 जनवरी तक डटे रहने की बात कही है।

कुल मिलाकर किसान इस बार केंद्र सरकार के खिलाफ आर पार की लड़ाई का मन बनाकर घर से निकले हैं।

उन्हें न केवल देश के अंदर से बल्कि सात समुद्र पार ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों के प्रधानमंत्री से लेकर सांसद तक का समर्थन हासिल हो चुका है।

Farmer Protest भारत के किसानों के दर्द से कराह उठे ब्रिटेन और कनाडा के सांसद, किया ये बड़ा एलान (सांकेतिक फोटो:सोशल मीडिया)

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कनाडा और ब्रिटेन के सांसदों ने किसान आन्दोलन का किया समर्थन

कनाडा में भी भारत के नए कृषि कानून को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कनाडा में न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख जगमीत सिंह ने ट्वीट किया, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ भारत सरकार की हिंसा बेहद आहत करने वाली है। मैं पंजाब और भारत के किसानों के साथ खड़ा हूं। मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि हिंसा के बजाय शांतिपूर्ण बातचीत का रास्ता अपनाए।

वहीं सेंट जॉन ईस्ट से सांसद जैक हैरिस ने भी भारत के नए कृषि कानून को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, हम ये देखकर हैरान हैं कि आजीविका पर संकट देखकर प्रदर्शन कर रहे किसानों का भारत सरकार दमन कर रही है। वाटर कैनन और आंसू के गोले की बजाय भारत सरकार को किसानों के साथ सीधी बातचीत करनी चाहिए।

ब्रिटेन के लेबर पार्टी के सांसद और रेल मंत्री तनमनजीत सिंह ने कही ये बात

ब्रिटेन के लेबर पार्टी के सांसद और रेल मंत्री तनमनजीत सिंह ने ट्वीट किया, ये बहुत ही अलग तरह के लोग हैं जो अपना दमन करने वाले लोगों का भी पेट भरते हैं।

मैं पंजाब और भारत के बाकी राज्यों के किसानों, अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ खड़ा हूं जो #FarmersBill2020 के तहत होने वाले निजीकरण का विरोध कर रहे हैं।

लेबर पार्टी के ही सांसद जॉन मैकडोनल ने तनमनजीत सिंह का समर्थन किया और लिखा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति दमनकारी रवैया अस्वीकार्य है और ये भारत की छवि को खराब करता है।

लेबर पार्टी की एक अन्य सांसद प्रीत कौर गिल ने ट्वीट किया, दिल्ली से हैरान करने वाले दृश्य। किसान अपनी आजीविका को प्रभावित करने वाले विवादित बिल का शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उन्हें चुप कराने के लिए पानी की तेज बौछार और आंसू के गोलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में विवादित कानून को लेकर विरोध कर रहे नागरिकों के साथ बर्ताव का ये तरीका बिल्कुल सही नहीं है।

Farmer Protest भारत के किसानों के दर्द से कराह उठे ब्रिटेन और कनाडा के सांसद, किया ये बड़ा एलान (सांकेतिक फोटो:सोशल मीडिया)

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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडों पहले ही दे चुके हैं समर्थन

इस बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडों ने भी किसानों के साथ समर्थन जाहिर किया है। ट्रूडो ने गुरुपूरब के मौके पर कनाडा के लोगों, खासकर सिखों को शुभकामना संदेश दिया था।

इस वीडियो में उन्होंने किसान आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हालात बेहद चिंताजनक हैं। ट्रूडो ने कहा, 'हम परिवार और दोस्तों को लेकर परेशान हैं।

हमें पता है कि यह कई लोगों के लिए सच्चाई है।' आंदोलन से समर्थन जताते हुए ट्रूडो ने आगे कहा, 'कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकार का बचाव करेगा। हम बातचीत में विश्वास करते हैं। हमने भारतीय प्रशासन के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं। यह वक्त सबके साथ आने का है।'

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