मंगल पर भीषण बाढ़: वैज्ञानिकों को मिले सबूत, इस वजह से हुआ ऐसा

वैज्ञानिकों को एक हालिया स्टडी में पता चला है कि मंगल पर करीब चार अरब साल पहले भयानक बाढ़ आई थी। वहीं रिसर्चर्स का मानना है कि यह विशाल बाढ़ किसी उल्कापिंड की वजह से आई हो। 

flood Mars

मंगल पर भीषण बाढ़: वैज्ञानिकों को मिले सबूत, इस वजह से हुआ ऐसा (फोटो- सोशल मीडिया)

नई दिल्ली: दुनियाभर के कई वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह (Mars) पर जीवन होने का दावा किया है। हालांकि अभी भी इस पर रिसर्च जारी है। इस बीच वैज्ञानिकों को एक हालिया स्टडी में पता चला है कि मंगल पर करीब चार अरब साल पहले भयानक बाढ़ आई थी। वहीं रिसर्चर्स का मानना है कि यह विशाल बाढ़ किसी उल्कापिंड की वजह से आई हो।

चार अरब साल पहले आई थी भीषण बाढ़

जैकसन स्टेट यूनिवर्सिटी, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी और यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के वैज्ञानिकों को ताजा स्टडी में चौंकाने वाले नतीजे मिले हैं। वैज्ञानिकों को इस दौरान पता चला कि मार्स पर चार अरब साल पहले भीषण बाढ़ आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टडी के एक वैज्ञानिक अल्बर्टो जी फाइरान ने बताया कि क्यूरोसिटी रोवर (Curiosity rover) को मिले सेडिमेंटोलॉजिकल डेटा के आधार पर पहली बार ऐसे विशाल बाढ़ का पता चला है।

यह भी पढ़ें: चीन तिलमिला उठा: भारत की डिजिटल स्ट्राइक से लगा झटका, अब ऐसे बड़बड़ा रहा

MARS FLOOD
(फोटो- सोशल मीडिया)

विशाल लहरों के मिले निशान

उन्होंने बताया कि इससे पहले बाढ़ से पीछे रह गए डिपॉजिट्स की कभी पहचान नहीं हो सकी थी। इस महीने साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में छपी रिपोर्ट में गेल क्रेटर (Gale Crater) और उसकी सेडिमेंटरी परतों (Sedimentary layers) से मिले डेटा का अध्ययन किया गया। रोवर को Gale Crater में विशाल लहरों के निशान मिले (Megaripples), जो कि विशाल बाढ़ की तरफ इशारा करते हैं।

यह भी पढ़ें: पाक की नापाक हरकत: मुंबई अटैक के दरिंदों की प्रार्थना सभा, लश्कर कर रहा आयोजन

इस वजह से आई मंगल पर बाढ़

वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा हो सकता है कि वहां पर उल्कापिंड की वजह से भयानक बाढ़ आई हो। जिसके चलते मार्स पर मौजूद बर्फ पिघल गई और CO2 (कार्बन डाई ऑक्साइड) और CH4 (मीथेन) रिलीज होने लगीं। इस वजह से मंगल ग्रह पर गर्म और गीले हालात पैदा हो गए और इसके बाद वहां भारी बारिश हुई होगी।

क्या मंगल ग्रह पर जीवन था?

स्टडी के वैज्ञानिक अल्बर्टो जी फाइरान ने कहा कि शुरुआती दिनों में मंगल पर तरल पानी हुआ करता था। इससे संकेत मिलते हैं कि वहां पर जीवन संभव हैं, लेकिन क्या मंगल ग्रह पर जीवन था। इसका जवाब ढूंढने में Perseverance रोवर की मदद ली जा सकती है।

यह भी पढ़ें: चीन कभी भी कर सकता है भारत पर बड़ा हमला!, जिनपिंग के इस आदेश से उठे सवाल

दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App