फ्रांस ने मुस्लिमों के खिलाफ उठाया ये कठोर कदम, इन देशों के…

फ्रांस ने मुसलमानों के लिए खिलाफ कठोर कदम उठाया है। फ्रांस ने अपने देश में विदेशी इमामों को नहीं आने देने का फरमान जारी किया है। फ्रांस की सरकार ने यह फैसला देश में आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिया है।

Published by dharmendrakumar Published: February 19, 2020 | 8:06 pm
Modified: February 19, 2020 | 8:17 pm

नई दिल्ली: फ्रांस ने मुसलमानों के लिए खिलाफ कठोर कदम उठाया है। फ्रांस ने अपने देश में विदेशी इमामों को नहीं आने देने का फरमान जारी किया है। फ्रांस की सरकार ने यह फैसला देश में आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिया है। इस फैसले पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुहर भी लगा दी है।

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमने 2020 के बाद अपने देश में किसी भी अन्य देश से आने वाले मुस्लिम इमामों पर रोक लगा दी है। फ्रांस में हर साल करीब 300 इमाम दुनियाभर के देशों से आते हैं।

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि इस कदम से फ्रांस में आतंकी गतिविधियों पर रोक लगेगी। फ्रांस में ज्यादातर इमाम अल्जीरिया, मोरक्को और तुर्की से आते हैं। वे यहां आकर मदरसों में पढ़ाते हैं और हमने फ्रेंच मुस्लिम काउंसिल (CFCM) से कहा है कि वे इस बात पर नजर रखें कि 2020 के बाद कोई विदेशी मुस्लिम इमाम फ्रांस में न आने पाए।

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राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने CFCM से यह भी कहा है कि फ्रांस में मौजूद सभी विदेशी इमामों को फ्रेंच सीखने को कहें और साथ ही कट्टरपंथी भावनाएं न भड़काने का काम करें। किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि में शामिल न हों। फ्रांस के कानून की रक्षा करें।

इमैनुएल मैक्रों ने इसके साथ ही यह भी कहा कि ये जरूरी नहीं है कि सभी आतंकी मुस्लिम ही हों, लेकिन ज्यादातर मामलों में इस्लामिक आतंकवाद ही सामने आता है। इसलिए हमने ऐसा कदम उठाया है। मेरी सभी धर्मों के लोगों से अपील है कि फ्रांस की रक्षा करें। इस देश के कानून का पालन करें।

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राष्ट्रपति ने कहा कि फ्रांस की संस्कृति और परंपराओं को सीखने की कोशिश करें। इससे उनका ज्ञान और अनुभव बढ़ेगा। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि इस साल सितंबर के बाद फ्रांस में विदेशी मुस्लिम इमामों पर देश में आने पर रोक लग जाएगी।

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राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि कैसे धर्म के नाम पर लोग मस्जिदों को पैसे भेजते हैं। इन पैसों का उपयोग गलत कामों के लिए होता है। फ्रांस मुसलमानों के खिलाफ नहीं है, लेकिन आतंकवाद का समर्थन करने वालों के पक्ष में भी नहीं हैं। इसलिए ऐसा करने वालों को हम छोड़ेंगे नहीं।

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि हमारे देश में 9 मुस्लिम देशों से इमाम आकर पढ़ाते हैं, लेकिन अब मेरी सरकार इस बात को पुख्ता करेगी कि भविष्य में इन 9 देशों से कोई इमाम न आने पाएं।