सुलेमानी की हत्या के बाद यहां पहली बार आमने सामने होगी अमेरिका- ईरान की सेना

मिलन एक द्विपक्षीय अभ्यास है, इसकी शुरुआत 1995 में हुई थी। पिछले वर्ष तक इसका आयोजन अंडमान व निकोबार कमांड में आयोजित किया जाता है। इस बार इस अभ्यास का आयोजन ईस्टर्न नेवल कमांड में किया जायेगा।

Published by Aditya Mishra Published: January 18, 2020 | 9:30 pm
Modified: January 18, 2020 | 9:31 pm

नई दिल्लीः अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद खराब हो चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए ईरान को आतंकवाद को बढ़ावा न देने की चेतावनी दी है।

दोनों देशों के बीच युद्ध का आगाज भी हो चुका है। इस बीच अब खबर ये आ रही है कि कट्टर दुश्मन देश, अमेरिका और ईरान का ‘मिलन’ भारत के विशाखापट्टनम में होने जा रहा है।

मौका है भारत द्वारा आयोजित मल्टीनेशनल एक्सरसाइज, ‘मिलन2020’। जिसमें अमेरिका और ईरान सहित कुल 41 देशों की नौसेनाएं हिस्सा ले रही हैं। हाल ही में मिडिल ईस्ट में हुए तनाव के बाद ये पहली बार होगा कि दोनों देशों की नौसेनाएं एक साथ युद्धाभ्यास करेंगी।

शनिवार को भारतीय नौसेना ने मिलन एक्सरसाइज का थीम-वीडियो जारी कर दिया। करीब 2.50 मिनट के इस वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह से मित्र-देशों की नौसेनाएं समंदर में सहयोग और तालमेंल करती हैं। मार्च के महीने में आंध्र-प्रदेश के विशाखापट्टनम में होने जा रही मिलन-एक्सरसाइज का थीम है, ‘सिनर्जी अक्रॉस द सीज़। ‘

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मिलन 2020

मिलन एक द्विपक्षीय अभ्यास है, इसकी शुरुआत 1995 में हुई थी। पिछले वर्ष तक इसका आयोजन अंडमान व निकोबार कमांड में आयोजित किया जाता है। इस बार इस अभ्यास का आयोजन ईस्टर्न नेवल कमांड में किया जायेगा। इस अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों के साथ नौसैनिक संबंधों को मज़बूत बनाना है।

आमंत्रित देश

इस अभ्यास में 41 देशों को आमंत्रित किया गया है, यह देश हैं : इंडोनेशिया, मालदीव, ऑस्ट्रेलिया, सोमालिया, केन्या, मोजाम्बिक, सूडान, कतर, थाईलैंड, मलेशिया, मिस्र, फ्रांस, श्रीलंका, वियतनाम, म्यांमार, न्यूजीलैंड, अमेरिका, इजरायल, तंजानिया, कोमोरोस, सेशेल्स ब्रुनेई, फिलीपींस , जापान, ब्रिटेन, मेडागास्कर, सऊदी अरब, ओमान, मॉरीशस, कंबोडिया, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, कुवैत, ईरान, रूस, जिबूती, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, इरिट्रिया और बांग्लादेश।

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