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प्रिंस सलमान की नाराजगी दूर करने रियाद पहुंचे इमरान खान, जानिए पूरा मामला

साउदी अरब की एक दिन की यात्रा पर शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान पहुंचे। इमरान यहां सऊदी प्रिंस सलमान बिन अब्दुलअजीज से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। दरअसल, 18 से 20 दिसंबर तक मलेशिया में एक सम्मेलन होने वाला है। इसमें पाकिस्तान, मलेशिया, तुर्की और ईरान के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे।

suman
Updated on: 15 Dec 2019 4:59 AM GMT
प्रिंस सलमान की नाराजगी दूर करने रियाद पहुंचे इमरान खान, जानिए पूरा मामला
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रियाद: साउदी अरब की एक दिन की यात्रा पर शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान पहुंचे। इमरान यहां सऊदी प्रिंस सलमान बिन अब्दुलअजीज से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। दरअसल, 18 से 20 दिसंबर तक मलेशिया में एक सम्मेलन होने वाला है। इसमें पाकिस्तान, मलेशिया, तुर्की और ईरान के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे।

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सऊदी अरब और यूएई इसे आर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) के लिए चुनौती मानता है। इमरान प्रिंस सलमान की नाराजगी दूर करने और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। इमरान मई से दिसंबर मध्य तक चार बार सऊदी अरब की यात्रा कर चुके हैं। ओआईसी मुस्लिम देशों का सबसे मजबूत संगठन है। कश्मीर मुद्दे पर इसने पाकिस्तान के रुख का समर्थन न करते हुए भारत का पक्ष लिया। अगस्त में यूएन महासभा में मलेशिया और तुर्की ने ही पाकिस्तान का समर्थन किया। इसी दौरान पाकिस्तान, मलेशिया और तुर्की ने मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में 18 से 20 दिसंबर तक एक सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया।

18 दिसंबर से कुआलालंपुर में हो रहे मुस्लिम देशों के एक अन्य सम्मेलन में पाकिस्तान की भागीदारी से उसका करीबी मददगार सऊदी अरब काफी नाराज है। पाकिस्तान के ही दूसरे करीबी मददगार मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ. तुन महातिर मुहम्मद ने कुआलालंपुर सम्मेलन का आयोजन किया है। इसे सऊदी अरब इस्लामिक सहयोग संगठन (ओ.आई.सी.) के समानांतर संगठन खड़ा करने की कोशिश के रूप में देख रहा है। इस सम्मेलन में तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप एर्डोगन समेत कतर के शेख तमीम बिन हमद अल-थानी और ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी हिस्सा ले रहे हैं।

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विदेश मंत्री की यात्रा असफल

सऊदी और यूएई दोनों को लगता है कि इमरान मलेशिया के पीएम महातिर मोहम्मद और तुर्की के राष्ट्रपति एर्डोगन के साथ मिलकर ओआईसी के समान संगठन खड़ा करना चाहते हैं। सऊदी और यूएई दोनों ने कुआलालम्पुर समिट पर सख्त नाखुशी जाहिर की। पाकिस्तान को इस प्रतिक्रिया का अंदाजा नहीं था। इसलिए खुद से पहले इमरान ने पहले विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को रियाद भेजा। खबरों के मुताबिक, कुरैशी सऊदी प्रिंस और प्रशासन को मनाने में कामयाब नहीं रहे तो इमरान को खुद वहां जाने का फैसला करना पड़ा। हालांकि, अब यात्रा का कार्यक्रम उलझता नजर आ रहा है। अमेरिका भी सऊदी और यूएई के साथ है। पाकिस्तान की दिक्कत ये है कि वो अब मलेशिया समिट से पीछे भी नहीं हट सकता। और अगर वो आगे बढ़ता है तो सऊदी-यूएई समेत दूसरे मुस्लिम देश उससे दूर हो सकते हैं। यह हर लिहाज से उसके लिए घाटे का सौदा होगा।

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