क्या इमरान के मक्का में उमरा करने से सुधरेंगे पाकिस्तान के हालात? यहां जानें

सऊदी अरब दौरे के दौरान पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान धार्मिक यात्रा उमरा पर मक्का भी गए। इस यात्रा के दौरान इमरान के साथ उनकी पत्नी बुशरा बेगम भी थीं।

Published by Aditya Mishra Published: September 21, 2019 | 2:25 pm
Modified: September 21, 2019 | 2:27 pm

इस्लामाबाद: सऊदी अरब दौरे के दौरान पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान धार्मिक यात्रा उमरा पर मक्का भी गए। इस यात्रा के दौरान इमरान के साथ उनकी पत्नी बुशरा बेगम भी थीं। इमरान खान ने अपनी इस यात्रा की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट भी की। बता दें कि इमरान दो-दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब गए थे।

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काबा दर्शन का मिला मौका

अपनी इस यात्रा के दौरान इमरान खान को विशेष अतिथि के तौर पर सुविधाएं दी गईं। उन्हें पवित्र काबा में जाने का भी मौका मिला, जिसके दरवाजे विशेषकर उनके लिए खोले गए थे। अपनी यात्रा के दौरान पाकिस्तान पीएम सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से भी मिले थे।

उन्होंने सऊदी के ऑइल प्लांट पर हुए ड्रोन अटैक की निंदा भी की थी। उन्होंने किंग को सऊदी के लिए पाकिस्तान की तरफ से सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।

फिर उठाया कश्मीर मुद्दा

मुलाकात के दौरान इमरान खान ने किंग सलमान को कश्मीर की वर्तमान स्थिति से भी अवगत कराया था। बता दें कि सऊदी अरब ने पिछले दिनों इमरान को नसीहत दी थी कि वह भारत के खिलाफ बयानबाजी करने की जगह पिछले दरवाजे से बातचीत की कोशिश करें।

बावजूद इसके इमरान ने कश्मीर राग अलापा, इस पर सऊदी ने क्या प्रतिक्रिया दी, यह फिलहाल सामने नहीं आया है।

दोनों नेताओं की वार्ता के दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, प्रधानमंत्री के आर्थिक मामलों के सलाहकार अब्दुल हफीज शेख, विदेश में प्रधानमंत्री के विशेष सहायक सईद जुल्फिकर बुखारी, विदेश सचिव सोहैल महमूद और सऊदी अरब में पाकिस्तान के राजदूत राजा अली एजाज भी मौजूद थे।

पाकिस्तान को लगी 18 करोड़ की चपत

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। इस बीच एक ऐसी खबर पाकिस्तान से आ रही है। जिसे सुनकर उसकी बिगड़ती अर्थव्यवस्था का साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है।

दरअसल जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक एक ऑडिट रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की सरकारी विमान सेवा पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) पिछले कुछ समय से बिना किसी यात्री के उड़ान भर रही थी।

गौर करने वाली बात ये है कि पीआईए के विमान एक-दो नहीं पूरे 82 बार बिना किसी यात्री से उड़ान भर चुके हैं। विमान कंपनी की इस हरकत से सरकार को 18 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।

2016 से 2017 के बीच पीआईए ने भरी इतनी उड़ानें

रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 से 2017 के बीच पीआईए ने ऐसी 46 उड़ानों का संचालन किया। इन सभी विमानों ने राष्ट्रीय विमान सेवा ने इस्लामाबाद से उड़ान भरी और हवा में ही अपने विमान उड़ाने के बाद उसे वापस इस्लामाबाद में ही उतार दिया। पीआईए ने ऐसा एक-दो नहीं 82 बार किया है।

जिसमें एक भी यात्री सवार नहीं थे। हैरानी की बात ये ही इन उड़ानों के अलावा हज जाने वाली करीब 36 उड़ानें ऐसी थीं, जिसमें एक भी यात्री सवार नहीं था। रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह से पीआईए को 18 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इस मामले में अब प्रशासन को जानकारी देने के बाद जांच तेज कर दी गई है।

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16 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज ले चुका है पाक

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अपने इतिहास में पहली बार एक साल के भीतर 16 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज लेकर एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। डिफॉल्टर होने से बचने और आयात जारी रखने के लिए पाकिस्तान लगातार विदेशी कर्ज ले रहा है।

पाकिस्तान पर इतना कर्ज है कि उसके बजट का बड़ा हिस्सा यानी 42 फीसदी तो कर्ज का ब्याज चुकाने में ही खर्च हो जाता है। 2018-19 के वित्तीय वर्ष के दौरान, पाकिस्तान ने 16 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज लिया है जिसमें से 11 महीने इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ सरकार के कार्यकाल के ही शामिल हैं।

16 अरब डॉलर में से इमरान खान की सरकार ने विदेशों से 13.6 अरब डॉलर उधार लिया, जो किसी एक वर्ष में किसी सरकार द्वारा लिया गया अधिकतम कर्ज है। बाकी 2.4 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज जुलाई 2018 में लिया गया।

 इतिहास में तीसरी बार हुआ ये

पाकिस्तान के इतिहास में यह तीसरी बार है जब किसी सरकार ने एक साल के भीतर 10 अरब डॉलर से ऊपर विदेशी कर्ज लिया है। 16 अरब डॉलर का कर्ज सरकार के अपने ही अनुमान ही 6.7 अरब डॉलर यानी 71 फीसदी ज्यादा है।

पाकिस्तान के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में लगातार गिरावट और निर्यात में नकारात्मक वृद्धि की वजह से सरकार बुरी तरह विदेशी कर्ज पर निर्भर हो गई है। पीएम इमरान खान ने वादा किया था कि देश में विदेशी निवेशक आएंगे लेकिन केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 50 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

90 अरब डॉलर तक पहुंचा कर्ज

पाकिस्तान का कुल विदेशी कर्ज 90 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। पाकिस्तान की 2018-19 के लिए राजस्व से होने वाली कुल आय 37 अरब डॉलर है जबकि उसका सालाना खर्च 42 अरब डॉलर है।

पाकिस्तान की आय को देखते हुए उसका कर्ज काफी ज्यादा है। आईएमएफ से इस साल पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर की राशि मिलेगी लेकिन कर्ज को देखते हुए यह धनराशि भी बहुत मामूली है।

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