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सच छुपाती इमरान सरकार: 3265 मौतों के पीछे का क्या है राज

पूरी दुनिया कोरोना वायरस के प्रकोप तले दबी हुई है। ऐसे में पाकिस्तान में डॉक्टर्स के पास पीपीई किट, मास्क और हाथों के दस्ताने ज्यादा तादात में नहीं है। उसके बाद भी यहां कोरोना संक्रमण के मामले बहुत कम है।

Vidushi Mishra
Updated on: 18 April 2020 6:16 AM GMT
सच छुपाती इमरान सरकार: 3265 मौतों के पीछे का क्या है राज
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नई दिल्ली: पूरी दुनिया कोरोना वायरस के प्रकोप तले दबी हुई है। ऐसे में पाकिस्तान में डॉक्टर्स के पास पीपीई किट, मास्क और हाथों के दस्ताने ज्यादा तादात में नहीं है। उसके बाद भी यहां कोरोना संक्रमण के मामले बहुत कम है। ऑफिशियल तौर पर पाकिस्तान में अभी तक कोरोना के 7400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं और 143 लोगों की मौत हुई है। लेकिन अब कराची से एक ऐसी खबर आ रही है जिससे पाकिस्तान सरकार पर फिर सवाल उठने लगे हैं। खबर ये है कि कराची शहर के कब्रिस्तानों में पिछले 49 दिनों में 3265 शवों को दफनाया गया है।

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कोरोना से बड़ी संख्या में मौतें

रिपोर्ट के अनुसार, कराची प्रशासन ने ही ये आंकड़े गुरूवार को जारी किए हैं। इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया में ऐसी ख़बरें आयीं थीं कि कराची के अस्पतालों में कोरोना से बड़ी संख्या में मौतें हो रहीं हैं लेकिन प्रशासन उन्हें छुपा रहा है।

लेकिन इमरान सरकार ने इन दावों को पू्र्ण रूप से खारिज कर दिया था। इसकी पुष्टि करने के लिए कराची में दफनाए गए इन हजारों लोगों के बारे में अफसरों से बात करने की कोशिश की है फ़िलहाल कोई ये नहीं बता पा रहा है कि इतने मौतें कैसे हुई हैं।

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कब्रिस्तान में 3265 शवों को दफनाया

बता दें कि 3265 शवों को दफनाए जाने का ये डाटा कराची मेट्रोपॉलिटिन कॉर्पोरेशन (के एम सी) ने ही जारी किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, डिस्ट्रिक सेन्ट्रल में 181, यासिनाबाद में 76, साखी हसन में 273, अल नूर में 30, मोहम्मद शाह कब्रिस्तान में 681, घसदर बाबा कब्रिस्तान में 430 शवों को दफनाया गया है।

डाटा के अनुसार, कराची के सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में साल के शुरूआती तीन महीनों में 10,791 लोग लाए गए थे। जिनमें से 121 की मौके पर ही मौत हो गयी थी। इन कब्रिस्तानों में दफनाई गई लाशों का सीधा संबंध कराची के सरकारी अस्पतालों से है लेकिन इनमें से कितने लोगों को कोरोना था इसका पता अभी नहीं लग पाया है।

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भारत ही नहीं इस शहरों में तबलीगी का संक्रमण

इसके साथ ही इंडोनेशिया, मलेशिया और भारत के बाद पाकिस्तान में भी कोरोना वायरस फैलने के लिए तबलीगी जमात को काफी हद तक कसूरवार माना जा रहा है। तबलीगी जमात के 429 सदस्य शुक्रवार को सिंध प्रांत में कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

इसके साथ ही पंजाब में भी 1100 से ज्यादा तबलीगी जमात से जुड़े लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। तबलीगी जमात ने मार्च में सरकार के मना करने के बाद भी इज्तमा का आयोजन किया था।

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Vidushi Mishra

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