इमरान की मुश्किलें बढ़ीं, पीओके में तेज हुई आजादी की मांग

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे पुलिस पर हमला कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि इनकी गिरफ्तारी इसलिए की गई क्योंकि वे आजादी की मांग कर रहे थे।

अंशुमान तिवारी
अंशुमान तिवारी

कराची: घरेलू मोर्चे तमाम दिक्कतों से जूझ रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए गुलाम कश्मीर (पीओके) में एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद इमरान तमाम कोशिशों के बावजूद अन्तरराष्ट्रीय जगत का समर्थन हासिल करने में नाकाम रहे हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी पाक सरकार गहरी मुसीबत में फंसी हुई है। अब पीओके में उठ रही आजादी की आवाज ने इमरान का सिरदर्द और बढ़ा दिया है।

विरोध कुचलने में जुटी है पुलिस

दरअसल पीओके में आजादी की आवाज लगातार तेज होती जा रही है। इस मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन जारी है। यहां के लोगों ने पाक सरकार पर अपनी और इलाके की अनदेखी का आरोप लगाया है। पुलिस लोगों के विरोध के स्वर को कुचलने में लगी हुई है।

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मुजफ्फराबाद में नियंत्रण रेखा के पास आजादी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से पुलिस की झड़प भी हो गई। इसके बावजूद प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। स्थिति को काबू में करने के लिए इलाके में मोबाइल सेवा पर रोक लगा दी गई है। पुलिस की कड़ाई के बावजूद जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख मोहम्मद सगीर के नेतृत्व में आजादी की मांग को लेकर मार्च का आयोजन किया गया।

प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े

पाकिस्तान की सरकार लोगों की आवाज को दबाने में लगी हुई है। इन लोगों के साथ पाकिस्तान सरकार की बर्बर कार्रवाई की खबरें हैं। इस सिलसिले में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

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इसके बाद प्रदर्शनकारी पाक पुलिस के जवानों से भिड़ गए। जेकेएलएफ के वरिष्ठ नेता तौकिर गिलानी ने जेकेएलएफ के 40 से अधिक सदस्यों की गिरफ्तारी का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पाक सरकार विरोध प्रदर्शन खत्म करने के लिए दबाव के तरीके अपना रही है।

पहाड़ों पर चढक़र पुलिस पर पथराव

जिला पुलिस प्रमुख ताहिर महमूद कुरैशी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने पहाडिय़ों पर चढक़र पुलिस पर पथराव किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी लगातार एलओसी की ओर बढ़ रहे थे उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो वे पथराव करने लगे। उन्होंने गिलानी के दावों को झूठा बताया और गिरफ्तार किए गए लोगों अपराधी बताया।

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उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे पुलिस पर हमला कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि इनकी गिरफ्तारी इसलिए की गई क्योंकि वे आजादी की मांग कर रहे थे। इस बीच मानवाधिकार कार्यकर्ता आरिफ अजाकिया ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने लोगों को सडक़ों पर उतरने पर मजबूर कर दिया है।