जम्मू-कश्मीर और आर्टिकल 370 पर मुस्लिम देशों ने छोड़ा पाकिस्तान का साथ

जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर इस बार पाकिस्तान को चीन की तरफ से भी तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, इस बार चीन ने सिर्फ लद्दाख की बात। उसने जम्मू-कश्मीर पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी। इस लिहाज से अब पाकिस्तान का साथ न सिर्फ मुस्लिम देशों ने छोड़ दिया बल्कि उसके सदाबहार दोस्त चीन ने भी उसे इस बार कोई लिफ्ट नहीं दी।

Published by Manali Rastogi Published: August 8, 2019 | 12:44 pm
Modified: August 8, 2019 | 12:45 pm
जम्मू-कश्मीर और आर्टिकल 370 पर मुस्लिम देशों ने छोड़ा पाकिस्तान का साथ

जम्मू-कश्मीर और आर्टिकल 370 पर मुस्लिम देशों ने छोड़ा पाकिस्तान का साथ

नई दिल्ली: पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर मुद्दे को लेकर अब काफी असहाय और मजबूर नजर आ रहा है। हाल ही में, भारत ने राज्य से आर्टिकल 370 हटा दी है। ऐसे में पाकिस्तान काफी बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान को लगा था कि जब वह इस मामले को इंटरनैशनल प्लेटफॉर्म पर उठाएगा तो उसे तमाम देशों का समर्थन मिलेगा। हालांकि, इसका ठीक उल्टा हुआ। जब पाकिस्तान ने इस मामले को इंटरनैशनल प्लेटफॉर्म पर उठाया तब उसी की किरकिरी हो गई।

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जम्मू-कश्मीर मुद्दे को इंटरनैशनल प्लेटफॉर्म पर उठाना अब पाकिस्तान को ही भारी पड़ गया है, जिसकी झलक संसद के संयुक्त सत्र में प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान में ही मिल गई। यहां विपक्ष पाकिस्तानी पीएम विपक्ष के सवाल पर झल्ला गए। दरअसल, पाकिस्तान में अब विपक्ष भी इमरान सरकार के साथ नहीं दिख रहा है।

अमेरिका ने कर लिया किनारा

ऐसे में अब जहां आर्टिकल 370 और जम्मू-कश्मीर के मामले से अमेरिका किनारे हो गया है वहीं, अब कई मुस्लिम देशों ने भी इस मामले पर पाकिस्तान से किनारा कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जम्मू-कश्मीर पर भारत के इस ऐतिहासिक कदम का यूएई के राजदूत ने स्वागत किया है।

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भारत में यूएई राजदूत डॉ. अहमद अल बन्ना इस मामले पर कहा कि आजाद भारत के इतिहास में राज्यों का पुर्नगठन कोई अनोखी घटना नहीं है। इस कदम का मकसद महज क्षेत्रीय असमानता को खत्म करना है।

मालदीव की सरकार ने की भारत की तारीफ

इसके अलावा मालदीव की सरकार ने भी भारत के इस कदम कि तारीफ की है और कहा है कि भारत ने अनुच्छेद 370 को लेकर जो फैसला किया है वह पूरी तरीके से उनका अंदरूनी मामला है। हर देश के पास यह हक है कि वह अपने कानून में बदलाव कर सके। इसलिए हमे इसका स्वागत करना चाहिए।

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मालदीव और यूएई के साथ सऊदी अरब ने भी भारत के इस कदम की सराहना की है। मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सऊदी क्राउन प्रिंस को फोन कॉल किया था और अपना समर्थन पाकिस्तान को देने को कहा था। इसपर सऊदी की तरफ से पाकिस्तान को कोई समर्थन नहीं मिला। यही नहीं, सऊदी ने इसपर अपना कोई बयान भी नहीं दिया।

चीन ने दिया तगड़ा झटका

जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर इस बार पाकिस्तान को चीन की तरफ से भी तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, इस बार चीन ने सिर्फ लद्दाख की बात। उसने जम्मू-कश्मीर पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी। इस लिहाज से अब पाकिस्तान का साथ न सिर्फ मुस्लिम देशों ने छोड़ दिया बल्कि उसके सदाबहार दोस्त चीन ने भी उसे इस बार कोई लिफ्ट नहीं दी।

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