‘कश्मीर पर मध्यस्थता’ पर डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दिया विवादित बयान, जानें पूरा मामला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोलने के लिए काफी बदनाम हैं। ऐसा खुद अमेरिकी मीडिया कह रही है। मीडिया ने ट्रंप की पोल खोलकर रख दी है। दरअसल, पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्रंप से भारत ने कश्मीर मुद्दे पर उनसे मध्यस्थता की अपील की, जबकि भारत ने तुरंत इसका खंडन कर दिया।

Published by Manali Rastogi Published: August 2, 2019 | 8:30 am
Modified: August 2, 2019 | 8:59 am

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। बता दें, हाल ही में ट्रंप ने ‘कश्मीर पर मध्यस्थता’ का बयान दिया था, जिसकी भारत ने कड़ी निंदा की थी। हालांकि, ट्रंप यही नहीं रुके। एक बार फिर ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि भारत चाहे तो वह मध्यस्थता के लिए तैयार हैं।

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डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि कश्मीर मामले का हल निकालने के लिए अगर भारत और पाकिस्तान किसी की मदद लेना चाहते हैं तो वो इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने ये भी कहा कि यह पूरी तरह से भारत और पाकिस्तान पर निर्भर करता है कि वह कश्मीर मामले का हल निकालने के लिए किसी की मदद लेना चाहते हैं या नहीं।

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मालूम हो, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान और डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते मुलाक़ात की थी। इस मुलाक़ात का हवाला देते हुए ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच कश्मीर मुद्दे को लेकर बात हुई है। जहां पाकिस्तान ने ट्रंप की इस पेशकश का स्वागत किया है, वहीं भारत ने इसे सिरे से नकार दिया है।

क्या बोले थे डोनाल्ड ट्रंप ?

ट्रंप ने कहा था कि, ‘‘मैं दो हफ्ते पहले प्रधानमंत्री मोदी के साथ था और हमने इस विषय (कश्मीर) पर बात की थी। और उन्होंने वास्तव में कहा, ‘क्या आप मध्यस्थता या मध्यस्थ बनना चाहेंगे?’ मैंने कहा, ‘कहाँ?’ (मोदी ने कहा) ‘‘कश्मीर।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि यह कई वर्षों से चल रहा है। मुझे आश्चर्य है कि यह कितने लंबे समय से चल रहा है।’’ ट्रंप ने कहा कि यदि दोनों देश कहेंगे तो वह मदद के लिए तैयार हैं।

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ट्रंप ने ओवल ऑफिस में प्रधानमंत्री खान के साथ अपनी बैठक के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा था कि, ‘‘यदि मैं मदद कर सकता हूं, तो मैं एक मध्यस्थ होना पसंद करूंगा। अगर मैं मदद करने के लिए कुछ भी कर सकता हूं, तो मुझे बताएं।’’

विदेश मंत्रालय ने पलटकर दिया जवाब

ट्रंप के बयान के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया था कि, ‘‘हमने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रेस को दिये उस बयान को देखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि भारत और पाकिस्तान अनुरोध करते हैं तो वह कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है।’’

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप से किया किनारा

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कश्मीर को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद से अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने खुद उनसे पल्ला झाड़ लिया है। इस मामले में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने साफ़ कह दिया है की कश्मीर मुद्दा एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। मंत्रालय ने यह भी कहा की दोनों देश एक मेज पर आकर इस मामले पर खुलकर बात करें, यही अमेरिका चाहता है।

डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोलने के लिए हैं बदनाम, अमेरिकन मीडिया ने दिया सबूत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोलने के लिए काफी बदनाम हैं। ऐसा खुद अमेरिकी मीडिया कह रही है। मीडिया ने ट्रंप की पोल खोलकर रख दी है। दरअसल, पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्रंप से भारत ने कश्मीर मुद्दे पर उनसे मध्यस्थता की अपील की, जबकि भारत ने तुरंत इसका खंडन कर दिया।