वाशिंगटन में किलेबंदी और सन्नाटा, एकदम फीका रहेगा बिडेन का शापथ ग्रहण

जोसेफ ‘जो’ बिडेन 20 तारीख को अमेरिका के नए प्रेसिडेंट की शपथ ग्रहण करेंगे। इस समारोह को ‘इनॉगरेशन’ कहा जाता है। अमेरिका के इतिहास का ये सबसे असामान्य और गैरपारंपरिक इनॉगरेशन होगा। लॉकडाउन के साथ जिस तरह के सुरक्षा उपाय किये गए हैं वैसा कभी पहले नहीं देखा गया।

Published by Ashiki Patel Published: January 18, 2021 | 10:51 pm

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लखनऊ: जोसेफ ‘जो’ बिडेन 20 तारीख को अमेरिका के नए प्रेसिडेंट की शपथ ग्रहण करेंगे। इस समारोह को ‘इनॉगरेशन’ कहा जाता है। अमेरिका के इतिहास का ये सबसे असामान्य और गैरपारंपरिक इनॉगरेशन होगा। लॉकडाउन के साथ जिस तरह के सुरक्षा उपाय किये गए हैं वैसा कभी पहले नहीं देखा गया।

इस बार नहीं होगी पारंपरिक परेड

शपथ ग्रहण बहुत से प्रेसिडेंटों की तरह कैपिटल बिल्डिंग की सीढ़ियों पर सम्पन्न होगा। लेकिन पेंसिल्वेनिया एवेन्यू पर होने वाली पारंपरिक परेड इस बार नहीं होगी। इस परेड को देखने के लिए लाखों लोग जमा होते रहे हैं। इसकी जगह सिर्फ एक वर्चुअल परेड होगी। इस बार शपथ ग्रहण के बाद बॉल डांस प्रोग्राम भी नहीं होगा। व्हाइट हाउस के पास बनी दर्शक दीर्घा को हटा दिया गया है।

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इतिहास का सबसे छोटा शपथ ग्रहण इवेंट

समारोह जिस तरह से सीमित कर दिया गया है उससे साफ है कि ये इतिहास का संभवतः सबसे छोटा शपथ ग्रहण इवेंट होने जा रहा है। ये भी विडंबना है कि जो बिडेन की ‘ऐतिहासिक बहुमत वाली जीत’ की खुशी में गिनती के लोग शामिल होंगे और आम जनता की इसमें भागीदारी न के बराबर होगी। इसके उलट जिस तरह की किलाबंदी वाशिंगटन डीसी में कई गई है वो अभूतपूर्व है। चप्पे चप्पे पर नेशनल गार्ड, स्नाइपर, खुफिया एजेंट, पुलिस तैनात है।

पहले भी बनी थी तनावपूर्ण स्थिति

वैसे इस तरह की तनावपूर्ण स्थिति पहले भी बनी है। इतिहासकारों के अनुसार, अब्राहम लिंकन के पहले शपथ ग्रहण समारोह के समय अमेरिका में सबसे तनावपूर्ण हालात थे। उस समय युद्ध का खतरा मंडरा रहा था। यही हुआ भी और लिंकन की इनॉगरेशन स्पीच के 6 हफ्ते बाद अमेरिका गृह युद्ध की आग की चपेट में आ गया। उस युद्ध में अमेरिका की जनसंख्या के 2 फीसदी लोग मारे गए थे। 1861 के वो हालात ऐसे थे जिनकी तुलना आज की स्थिति से नहीं की जा सकती।

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सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अमेरिका में इस बार पहला मौका है जब इनॉगरेशन समारोह को राष्ट्रीय विशेष सुरक्षा इवेंट घोषित किया गया है और वह भी हफ्ता भर पहले से। 6 जनवरी को कैपिटल बिल्डिंग में जिस तरह धावा बोला गया उसको देखते हुए अब वाशिंगटन डीसी में पूरे देश से 25 हजार नेशनल गार्ड बुलाकर तैनात किए गए हैं। सुरक्षा उपायों के चलते वाशिंगटन डीसी में जनजीवन ठहर सा गया है। कैपिटल बिल्डिंग के आसपास के एक दर्जन से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बन्द कर दिए गए हैं। सड़कों पर बैरिकेडिंग है। हर जगह सन्नाटा है। बस, ट्राम और सभी तरह का पब्लिक ट्रांसपोर्ट बन्द कर दिया गया है। साइकिल चलाने तक पर प्रतिबंध है। ज्यादातर दुकानें और स्टोर्स बन्द हैं। बहुत से स्टोर्स में सुरक्षा के लिए दरवाजों, खिड़कियों पर पटरे जड़ दिए गए हैं।

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बिडेन के इनॉगरेशन में नहीं जाएंगे ट्रम्प

डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वे बिडेन के इनॉगरेशन में नहीं जाएंगे। यानी वो बिडेन के काफिले को कैपिटल बिल्डिंग में एस्कॉर्ट नहीं करेंगे। सो इस तरह एक और परंपरा टूटने जा रही है। हालांकि ऐसा पहले भी हो चुका है। अमेरिका के दूसरे प्रेसिडेंट जॉन एडम्स 1801 में थॉमस जेफरसन के इनॉगरेशन से पहले ही वाशिंगटन छोड़ कर चले गए थे। उस समय की स्थिति भी 2021 जैसी थी। जेफरसन के समर्थक एडम्स को राजशाही प्रेमी करार देते थे जबकि एडम्स के समर्थक जेफरसन को रैडिकल कहते थे। समझा जाता है कि जेफरसन के शपथ ग्रहण में किसी तरह की हिंसा न हो इसीलिए एडम्स ने उसमें शरीक न होने का फैसला किया।

अमेरिका के छठवें प्रेसिडेंट जॉन क्विनसी एडम्स भी 1829 में एंड्रू जैक्सन के शपथ ग्रहण में नहीं गए थे। 1841 में मार्टिन वान बरेंन और 1869 में एंड्रू जैक्सन ने भी नए प्रेसिडेंट का बहिष्कार किया था।
नीलमणि लाल

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