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कोरोना के बाद अब ये महामारी: देश में बढ़ रहा संक्रमण, अब तक कई लोगों की मौत

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो देश के पश्चिमी इलाके में स्थित बान्डाका शहर में इबोला महामारी फ़ैल रही है। जानकारी दी गयी कि इबोला की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गयी है तो वहीं दो लोगों का इलाज अभी जारी है।

Shivani Awasthi
Updated on: 2 Jun 2020 5:53 AM GMT
कोरोना के बाद अब ये महामारी: देश में बढ़ रहा संक्रमण, अब तक कई लोगों की मौत
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नई दिल्ली: कोरोना संकट से दुनिया अभी तक जंग जीत भी नहीं पाई कि अब दूसरी महामारी ने अपना प्रकोप फैलाना शुरू कर दिया है। इस भयानक महामारी से अब तक देश में चार लोगों की मौत हो गयी है। वहीं दो लोगों का इलाज चल रहा है। कोरोना के बाद जिस दूसरी महामारी ने आतंक मचाया हुआ है, उसका नाम 'इबोला'।

कॉन्गो में इबोला की दस्तक, 4 की मौत

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो देश के पश्चिमी इलाके में स्थित बान्डाका शहर में इबोला महामारी फ़ैल रही है। जानकारी दी गयी कि इबोला की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गयी है तो वहीं दो लोगों का इलाज अभी जारी है। स्वास्थ्य मंत्री इटेनी लोंगोंडो ने इबोला से निपटने को लेकर सरकार की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि बान्डाका शहर में वैक्सीन और दवाइयां जल्द से जल्द भेजी जा रही है।

हर में करीब 15 लाख लोग बसे

बान्डाका में अब तक 6 लोग इबोला से संक्रमित हुए। बान्डाका एक व्यापारिक शहर है और कॉन्गो नदी के किनारे बसा है। जानकारी के मुताबिक, इस शहर में करीब 15 लाख लोग रहते हैं।

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WHO प्रमुख ने की कॉन्गो में इबोला आउटब्रेक की पुष्टि

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख डॉ. टेड्रोस अधनॉम घेब्रेसिस ने कॉन्गो में इबोला आउटब्रेक की पुष्टि की है। WHO प्रमुख ने जानकारी दी कि यह बेहद खतरनाक स्थिति में है और इस क्षेत्र में पहले से बीमारियों ने गढ़ बना रखा है। कॉन्गो में इबोला महामारी की फिर एक नई लहर आई है। यह खतरनाक हो सकती है।

इबोला के लक्षण

बता दें कि इबोला वायरस की वजह से इंसान को हेमोरेजिक फीवर आने लगता है। वहीं मरीज को लगातार उल्टियां होती हैं और वह डायरिया का शिकार हो जाता है।

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कॉन्गो में पहली बार साल 1976 में आया था इबोला

कॉन्गो में इबोला का पहला संक्रमण साल 1976 में फैला था। उसके बाद से अब तक देश में इबोला ने 11 बार हमला किया। इस दौरान हजारों की मौत हुई और देश बुरी तरह प्रभावित हुआ।

साल 2018 में भी कॉन्गो में इबोला का कहर बरपा था, लेकिन तब ये महामारी देश के दूसरे हिस्से में पहुंची थी। उस दौरान इबोला से केवल पूर्वी इलाका प्रभावित था। हालाँकि इस बार महामारी ने पश्चिमी इलाके में दस्तक दी है।

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इबोला से देश में 2200 लोग मारे जा चुके

गौरतलब है कि इबोला से अब तक देश में 2200 लोग मारे जा चुके हैं। जबकी इस बार दो लोगों की अब तक मौत हुई है और अभी इसके अधिक बढ़ने की संभावना है।

कॉन्गो में कोरोना वायरस :

वहीं देश में कोरोना वायरस भी फैला हुआ है। कोरोना की वजह से कॉन्गो में करीब 3000 लोग बीमार हैं।

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Shivani Awasthi

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