अमेरिका में हिंसक प्रदर्शन: ट्रंप की प्रदर्शनकारियों को धमकी, मान जाओ नहीं तो…

अमेरिका में 46 वर्षीय अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद कई शहरों में हिंसा भड़की हुई है। प्रदर्शनकारी जगह-जगह तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं।

Published by Shreya Published: June 2, 2020 | 11:05 am
Modified: June 2, 2020 | 5:55 pm

वॉशिगंटन: अमेरिका में 46 वर्षीय अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद कई शहरों में हिंसा भड़की हुई है। प्रदर्शनकारी जगह-जगह तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं। इस हिंसा की आग व्हाइट हाउस तक भी पहुंच गया। जहां पर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

वाशिंगटन समेत 40 शहरों में कर्फ्यू

अमेरिका के 30 शहर हिंसा की आग में झुलस गए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने वाशिंगटन समेत 40 शहरों में कर्फ्यू लगाया दिया है। वहीं ट्रंप ने सभी प्रभावित शहरों के गवर्नरों से दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।

ट्रंप ने किया 200 साल पुराने चर्च का दौरा

बता दें कि इस हिंसा के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के पास 200 साल पुराने चर्च का दौरा किया। ये वहीं चर्च है, जहां पर पुलिस से झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी थी। ट्रंप की यात्रा से पहले प्रदर्शनकारियों को क्षेत्र से बाहर कर दिया गया।

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प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए दागे गए आंसू गोले

रोज गार्डन में ट्रंप के भाषण के दौरान प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। डोनाल्ड ट्रंप ने रोज गार्डन में कहा कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के सहयोगी हैं। इस दौरान उन्होंने जोर देते हुए कहा कि, मैं कानून और व्यवस्था को लेकर आपका अध्यक्ष हूं।

अब सेना संभालेगी मोर्चा

वहीं देश में हिंसा के हालात को काबू करने के लिए अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना को उतारने का फैसला किया है। अब ट्रंप देश में हालात को काबू करने के लिए अमेरिकी मिलिट्री को उतारेंगे।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अलग-अलग शहरों में जारी हिंसा पर देश के वामपंथ को जिम्मेदार बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि जॉर्ज फ्लॉयड के लिए शुरू हुए आंदोलन को हाइजैक कर लिया गया है और अब उन्होंने ऐसे लोगों को आतंकवादी घोषित करने का फैसला किया है।

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शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को प्रभावित नहीं होने दे सकते

ट्रंप ने रोज गार्डन में कहा कि पेशेवर अराजकतावादियों, हिंसक भीड़, आगजनी, लुटेरों, अपराधियों, दंगाइयों, एंटीफा और अन्य लोगों ने हमारे देश को जकड़ लिया है। उन्होंने कहा कि दंगाइयों के कारण आम आदमी और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को प्रभावित नहीं होने दे सकते।

उन्होंने चेतावनी देते हुए ये भी कहा कि 7 बजे से कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया जाएगा।  निर्दोष लोगों और संपत्ति की धमकी देने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा और उन्हें हिरासत में लिया जाएगा साथ ही उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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क्या है पूरा मामला?

बता दें कि अमेरिका में हिंसक विरोध प्रदर्शन उस समय शुरू हुआ जब 25 मई को मिनियापोलिस में एक अश्वेत शख्स की पुलिसकर्मी के हाथों मौत हो गई। जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में एक बार फिर से श्वेत और अश्वेत की बहस छिड़ गई है। जॉर्ज की मौत के बाद अमेरिका में Black Lives Matter मुहिम छेड़ गई है। इस मुहिम के समर्थन में न्यूयॉर्क और लॉस एंजेलिस की सड़कों पर उतरकर लोग जॉर्ज के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

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अमेरिकी पुलिस अधिकारी डेरेक चौविन पर जॉर्ज की हत्या का आरोप है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया था जिसमें एक अश्वेत व्यक्ति की गर्दन को पुलिसकर्मी ने अपने घुटनों के नीचे दबाया हुआ था। वीडियो में शख्स ने पुलिसकर्मी से सांस लेने नहीं ले पाने की बात कह रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद 4 पुलिस वालों को नौकरी से हटा दिया और जांच की बता कही गई।

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