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चीन से भिड़ा ये देश: धमकियों का ऐसे दिया मुंहतोड़ जवाब, मिला US का साथ

चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच बड़ी व्यापारिक साझेदारी है। ऑस्ट्रेलिया के लिए व्यापार के लिहाज से चीन काफी फायदेमंद देश है। दोनों के बीच सालाना 235 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का व्यापार होता है। चीन इसी बात का फायदा उठाकर ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बना रहा है।

Shivani Awasthi
Updated on: 11 Jun 2020 5:58 AM GMT
चीन से भिड़ा ये देश: धमकियों का ऐसे दिया मुंहतोड़ जवाब, मिला US का साथ
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नई दिल्ली: कोरोना वायरस को लेकर चीन वैश्विक स्तर पर घिरता नजर आ रहा है है। अमेरिका के बाद अब ऑस्ट्रेलिया चीन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। ऑस्ट्रलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन ने तो अपने एक बयान में ये भी कहा कि वे चीन की धमकियों से नहीं डरते।

ऑस्ट्रेलियाई पीएम बोले, चीन की धमकियों ने नहीं डरते

दरअसल, चीन पिछले दो महीनों से ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था को व्यापार नीति के तहत कमजोर बनाने लगा हुआ हैं, इसी कड़ी में अब ऑस्ट्रेलिया ने भी चीन के खिलाफ व्यापार को हथियार बनाने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने गुरुवार को एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि उनका देश खुले बाजार का समर्थन करता है लेकिन उन्हें धमकी दिए जाने के बाद भी वह अपने मूल्यों का सौदा नहीं करेंगे।

चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच बड़ी व्यापारिक साझेदारी

बता दें कि चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच बड़ी व्यापारिक साझेदारी है। ऑस्ट्रेलिया के लिए व्यापार के लिहाज से चीन काफी फायदेमंद देश है। दोनों के बीच सालाना 235 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का व्यापार होता है। चीन इसी बात का फायदा उठाकर ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बना रहा है।

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चीन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उठाये ये कदम

-ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के लिए चीन ने बीफ के आयात पर बैन लगा दिया। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया से आने वाले जौ पर भी भारी भरकम टैक्स लगा दिया।

-इतना ही नहीं चीन के शिक्षा मंत्रालय ने अपने छात्रों को ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए दोबारा विचार करने को कहा। ऐसा इसलिए कहा गया क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की इनकम का चौथा सबसे बड़ा जरिया इंटरनेशनल एजुकेशन सिस्टम है। जिसमे विदेशी छात्रों के यहां पढ़ाई से देश को साल भर में लगभग 26 अरब डॉलर की कमाई हो जाती है। ऐसे में चीन ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा क्षेत्र से होने वाली कमाई को भी प्रभावित करना चाहता है।

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-इसके अलावा हाल ही में चीन ने पर्यटकों को भी ऑस्ट्रेलिया जाने से बचने की चेतावनी दी। इसके पीछे दलील दी गयी कि ऑस्ट्रेलिया में एशियाई देशों के लोगों के खिलाफ नस्ली हमले बढ़ रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया में पर्यटक- छात्र पूरी तरह से सुरक्षित

हालंकि इस बारे में पीएम मॉरिसन ने कहा, ये बिल्कुल बकवास है। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने चीन के विदेश मंत्रालय और कैनबरा स्थित चीनी दूतावास में छात्रों और पर्यटकों को दी गयी चेतावनी को लेकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में पर्यटक- छात्र पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

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ऑस्ट्रेलिया में दुनिया में सबसे बेहतरीन शिक्षा और पर्यटन

मॉरिसन ने दावा किया कि ऑस्ट्रेलिया दुनिया में सबसे बेहतरीन शिक्षा और पर्यटन के मौके उपलब्ध कराता है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा और पर्यटन की उत्कृष्टता पर भरोसा जताते हुए कहा कि ये चीनी नागरिकों का फैसला है की उन्हें ऑस्ट्रेलिया को चुनना है या नहीं।

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चीन के इस रवैये की वजह कोरोना वायरस है। दरअसल ऑस्ट्रेलिया उन देशों में शामिल हैं, जिसमें कोरोना वायरस के फैलने को लेकर अंतराष्ट्रीय जांच की मांग की थी। देश ने पिछले महीने हुई विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सालाना बैठक में महामारी की जांच के पक्ष में वोट दिया था। उसके बाद से चीन ऑस्ट्रेलिया से नाराज हो गया और इस कदम पर धमकियां देने लगा।

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Shivani Awasthi

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