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होगा भयानक युद्ध! इस देश में घुसे चीन-रूस के 19 फाइटर जेट, दुनिया में मची खलबली

चीन ने कहा कि रूस और उसका संयुक्त वायुसेना अभ्यास चल रहा था। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने बताया कि पहले चीन के चार लड़ाकू विमान हमारी सीमा में घुसे, इसके बाद रूस के 9 विमान भी घुसे आए।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 23 Dec 2020 2:53 PM GMT

होगा भयानक युद्ध! इस देश में घुसे चीन-रूस के 19 फाइटर जेट, दुनिया में मची खलबली
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चीन और रूस ने कुछ ऐसा किया कि दक्षिण कोरिया ने चेतावनी डे दाली। दरअसल चीन और रूस के 19 लड़ाकू विमान दक्षिण कोरिया की सीमा में घुस गए।
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नई दिल्ली: कोरोना से दुनियाभर में तबाही मची हुई है, तो वहीं कई देशों के बीच युद्ध की आशंका बढ़ गई है। अब चीन और रूस ने कुछ ऐसा किया कि दक्षिण कोरिया ने चेतावनी दे डाली। दरअसल चीन और रूस के 19 लड़ाकू विमान दक्षिण कोरिया की सीमा में घुस गए। इसके बाद दक्षिण कोरिया ने हाई अलर्ट जारी कर दिया और उसके फाइटर जेट भी जवाब देने के लिए आसमान में पहुंच गए।

इसके बाद में चीन ने स्वीकार किया उसके लड़ाकू विमान गलती से दक्षिण कोरिया की सीमा में घुस गए थे। रूस और चीन का संयुक्त वायुसेना अभ्यास कर रहे थे। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने बताया कि पहले चीन के चार लड़ाकू विमान हमारी सीमा में घुसे, इसके बाद रूस के 9 विमान भी घुसे आए।

उन्होंने कहा कि बिना जानकरी के सीमा के अंदर आने पर वायुसेना के लड़ाकू विमान भी भेज दिए गए। इसके बाद में चीनी सेना ने दक्षिण कोरिया की सेना को जानकारी दी। चीनी सेना ने बताया कि चीन और रूस के विमान सामान्य अभ्यास कर रहे थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने चीन और रूस दोनों के सामने इस मामले में कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

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Russia-China

रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने चीन और रूस से संपर्क साधा है। विदेश मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा कि कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। तो वहीं चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन का है कि यह मिशन किसी को निशाने बनाने के लिए नहीं था, बल्कि चीन और रूस के बीच वार्षिक सहयोग योजनाओं का हिस्सा था।

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झाओ लिजियन ने कहा कि इस प्रशिक्षण के दौरान चीनी और रूसी के लड़ाकू विमानों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया है। उन्होंने कहा कि लड़ाकू विमानों ने दक्षिण कोरियाई हवाई सीमा में प्रवेश नहीं किया। इससे पहले बीते साल भी दक्षिण कोरिया की सीमा में चीन और रूस के लड़ाकू विमान घूसे थे।

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