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मुसलमानों का दाह-संस्कार: देश में मच गया बवाल, धार्मिक मान्यता से हुआ खिलवाड़

श्रीलंका में कोरोना वायरस से मरने वाले मुस्लिम समुदाय के संक्रमित लोगों के शवों को दफनाने की बजाय उनका देह-संस्कार किया गया।

Shivani

ShivaniBy Shivani

Published on 23 Dec 2020 5:55 PM GMT

मुसलमानों का दाह-संस्कार: देश में मच गया बवाल, धार्मिक मान्यता से हुआ खिलवाड़
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लखनऊ: कोरोना वायरस से दुनिया के तमाम देश परेशान है। ऐसे में कई देशों में वायरस की चपेट में आकर संक्रमितों की हो रही मौतों पर अलग तरह का बवाल चल रहा है। भारत में जहां हिंदू समुदाय के संक्रमितों का दाह-संस्कार तो वहीं मुस्लिमों के शवों को दहन करने के लिए कोविड कब्रिस्तान बनाये गए लेकिन श्रीलंका में ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बाद समुदाय विशेष की आस्था को ठेस पहुंची है।

श्रीलंका में कोरोना संक्रमित मुस्लिम समुदाय के लोगों का शवदाह

दरअसल, श्रीलंका में कोरोना वायरस से मरने वाले मुस्लिम समुदाय के संक्रमित लोगों के शवों को दफनाने की बजाय उनका देह-संस्कार किया गया। सरकार की इस नीति का मुस्लिम समुदाय ने जमकर विरोध किया और देश की राजधानी कोलंबो में मूक प्रदर्शन किया।

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धार्मिक मान्यता को ठेस पहुंचाने पर लोगों ने किया मूक प्रदर्शन

मुस्लिमों के शवों का हिन्दू आधार से अंतिम संस्कार किये जाने पर शुरू हुए विरोध का नेतृत्व मुख्य विपक्षी नेता सजीत प्रेमदासा ने किया। प्रदर्शन में सिविल सोसाइटी समूह भी शामिल हुए। मुस्लिमों में आरोप लगाया कि महामारी की चपेट में आकर मरने वाले उनके समुदाय के लोगों के शवों का सरकार व् प्रशासन ने जबरन दाह -संस्कार कराया।

WHO दे चुका संक्रमितों के शवों को दफनाने की अनुमति

बता दें कि मुस्लिम समुदाय की धार्मिक मान्यताएं शव दाह की अनुमति नहीं देती। मुस्लिम समुदाय के लोगों के शवों को धार्मिक मान्यता के अनुसार दफन किया जाता है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मरने वाले लोगों के शवों को दफनाए जाने की अनुमति दे रखी है।

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9 महीनों में सरकार की विशेषज्ञ समिति ने भी नहीं दिया कोई सुझाव

इसके बाद भी श्रीलंका में समुदाय विशेष की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाया गया। इस बारे में अधिकारीयों ने तर्क किया कि शवों को दफन किए जाने से महामारी और फैल सकती है। हालंकि सरकार ने शवों को दफन करने के मुद्दे पर सुझाव के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन भी किया था लेकिन तब से अब तक नौ महीने बीतने के बाद भी इस बारे में कोई कोई सुझाव नहीं सौंपे गए।

UN ने श्रीलंकाई पीएम से शवों को दफन करने की अनुमति देने की अपील की

डब्ल्यूएचओ की इजाजत के अलावा संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी श्रीलंकाई प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे से शवों को दफन करने की इजाजत देने का अनुरोध किया क्योंकि कोविड-19 शवों की अंत्येष्टि पर डब्ल्यूएचओ के दिशनिर्देशों में मुस्लिमों की धार्मिक परंपरा भी शामिल है।

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