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कोरोना वायरस पर नई शोध में खुलासा, जानिए क्या कहती है ये रिपोर्ट

देश में कोरोना के मुख्य लक्षणों में केवल सर्दी, खांसी, गले में खराश और तेज बुखार नहीं है। बिना किसी लक्षण के भी मरीज़ की रिपोर्ट पॉजिटिव आती रहती है। कोरोना वायरस और इससे जुड़ी वैक्सीन  को लेकर रोज नए-नए शोध हो रहे हैं। 

suman
Updated on: 12 Jun 2020 4:02 PM GMT
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नई दिल्ली: देश में कोरोना के मुख्य लक्षणों में केवल सर्दी, खांसी, गले में खराश और तेज बुखार नहीं है। बिना किसी लक्षण के भी मरीज़ की रिपोर्ट पॉजिटिव आती रहती है। कोरोना वायरस और इससे जुड़ी वैक्सीन को लेकर रोज नए-नए शोध हो रहे हैं। लेकिन अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं है। कि यह बीमारी कैसे होती है और कैसे इसका इलाज हो। अब इस बीमारी को लेकर नई रिसर्च सामने आई है।

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सिर्फ सर्दी खांसी नही कोरोना के लक्षण

पहले कोरोना के मरीजों की पहचान खांसी सर्दी व बुखार से होता था लेकिन ये रिसर्च बताती है कि सिरदर्द, चक्कर आना, असजगता, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, गंध और स्वाद का ना महसूस होना, दौरे, स्ट्रोक, कमजोरी और मांसपेशियों में दर्द भी इसके लक्षण में शामिल है।

पूरे नर्वस सिस्टम पर असर

ये रिसर्च अमेरिका के नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन की है। मरीजों के न्यूरोलॉजिकल लक्षणों पर की गई ये समीक्षा एनल्स ऑफ न्यूरोलॉजी में प्रकाशित की गई है। इस शोध को न्यूरो-संक्रामक रोगों के नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन चीफ डॉक्टर इगोर कोरालनिक ने किया और बताया कि 'आम जनता और चिकित्सकों को इसके बारे में जानना जरूरी है, क्योंकि कोरोना इंफेक्शन बुखार, कफ और सांस की केवल परेशानी नहीं, यह पहले शरीर में न्यूरोलॉजिक लक्षणों के साथ शुरू होता है। कोरोना वायरस मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डियों, मांसपेशियों सहित पूरे नर्वस सिस्टम को भी असर डालता है।

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न्यूरोलॉजिकल डिसफंक्शन का कारण

शोधकर्ता डॉ. कोरालनिक का कहना है कि कोविड के कई अलग-अलग तरीके न्यूरोलॉजिकल डिसफंक्शन का कारण बन सकते हैं। ये बीमारी फेफड़ों, किडनी और दिल पर ज्यादा असर डालती है लेकिन ऑक्सीजन के अभाव में इसका असर ब्रेन पर भी पड़ता है। ये वायरस ब्रेन में प्रत्यक्ष संक्रमण कर सकता है। कोरालनिक और उनके सहयोगियों की टीम ने न्यूरो-कोविड रिसर्च किया है और अस्पताल में भर्ती सभी कोरोना वायरस के मरीजों की गहन जांच के बाद न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को जाने की कोशिश की ताकि सही इलाज किया जा सके।

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