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ब्रिटेन का 28 देशों से टूटेगा रिश्ता! ब्रेग्जिट विधेयक को ब्रिटिश संसद में मिली मजूरी

Shivani Awasthi
Updated on: 23 Jan 2020 8:38 AM GMT
ब्रिटेन का 28 देशों से टूटेगा रिश्ता! ब्रेग्जिट विधेयक को ब्रिटिश संसद में मिली मजूरी
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दिल्ली: ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के लिए राहत भरा फैसला आया है। दरअसल, ब्रिटेन की संसद ने ब्रेग्जिट विधेयक (Brexit bill) को मंजूरी दे दी है। पीएम बोरिस जॉनसन ब्रेग्जिट के प्रबल समर्थन में हैं उन्होंने कहा था कि कुछ भी हो जाये ब्रिटेन यूरोपियन यूनियन (EU) से बाहर आकर रहेगा। ब्रिटेन की महारानी से मंजूरी मिलने के बाद औपचारिक रूप से इसे कानून बना दिया जाएगा। ब्रिटेन की संसद से समझौते को मंजूरी मिलने के साथ ही ब्रिटेन (Britain) ने यूरोपीय यूनियन (European Union) ) से बाहर निकलने की तरफ एक और निर्णायक कदम बढ़ा लिया है।जानकारों के मुताबिक ब्रिटेन 31 जनवरी को यूरोपीय संघ से बाहर निकल जाएगा।

यूरोपियन यूनियन से बाहर निकलना चाहता है ब्रिटेन:

दरअसल, यूरोपीय यूनियन 28 देशों का संगठन है। इन 28 देशों के लोग आपस में किसी भी मुल्क में आ-जा सकते हैं और काम कर सकते हैं। इस वजह से ये देश आपस में मुक्त व्यापार कर सकते हैं। 1973 में ब्रिटेन ईयू में शामिल हुआ था और यदि वह बाहर होता है तो यह ऐसा करने वाला पहला देश होगा।

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क्या है ब्रेग्जिट:

ब्रेक्जिट का मतलब है यूरोपीय संघ से बाहर निकलना। सेमी ब्रेक्जिट का मतलब है कि ईयू से अलग होने के बाद ब्रिटेन ईयू की शर्तें मानता रहेगा। बाहर रहकर उसके साथ बना रहेगा, जिससे आर्थिक हितों, रोजगार और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को ब्रिटेन से बाहर जाने से बचाया जा सकेगा।

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क्यों EU से अलग होना चाहता है ब्रिटेन:

दरअसल, इसके तहत ब्रिटेन रोजगार, आर्थिक हितों को देश से बाहर जाने से रोक सकेगा। बता दें कि ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमंस ने यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलने के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के समझौते (ब्रेक्जिट डील) को पहले ही मंजूरी दे चुका है। उस वक्त समझौते के पक्ष में 330 वोट जबकि विरोध में 231 वोट पड़े थे. ऊपरी सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में इस बिल पर काफी लंबी बहस हुई और इस बिल से जुड़े कई सुझाव भी दिए गए। लंबी बहस के बाद आखिरकार ब्रेक्जिट समझौते को मंजूरी दे दी।

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Shivani Awasthi

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