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WHO के इस बयान पर मचा घमासान, विवाद बढ़ने पर मानी गलती, कही ये बड़ी बात

विश्व स्वास्थ्य संगठन( डब्ल्यूएचओ) ने विवाद बढ़ने के बाद अपने उस बयान को वापस ले लिया। जिसमें कहा गया था कि बिना लक्षण वाले (Asymptomatic) कोरोना पॉजिटिव लोगों से बेहद अपवाद (Very Rare) के तौर पर ही वायरस फैलता है।

Aditya Mishra
Updated on: 10 Jun 2020 5:38 AM GMT
WHO के इस बयान पर मचा घमासान, विवाद बढ़ने पर मानी गलती, कही ये बड़ी बात
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नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन( डब्ल्यूएचओ) ने विवाद बढ़ने के बाद अपने उस बयान को वापस ले लिया। जिसमें कहा गया था कि बिना लक्षण वाले (Asymptomatic) कोरोना पॉजिटिव लोगों से बेहद अपवाद (Very Rare) के तौर पर ही वायरस फैलता है।

बता दें कि कोरोना कोरोना वायरस के खिलाफ रेस्पॉन्स को लेकर डब्ल्यूएचओ पहले से सवालों के कठघरे में है। अमेरिका ने तमाम आरोप लगाने के बाद डब्ल्यूएचओ की फंडिंग भी रोक दी थी। इस बार नया विवाद शुरू होने के ठीक एक दिन बाद डब्ल्यूएचओ ने अपनी गलती स्वीकार कर ली।

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40 फीसदी लोगों में इन्फेक्शन

अगर हम गौर करें तो पाएंगे कि कई अध्ययन में ये बात निकलकर सामने आई है कि कुल संक्रमित लोगों में 40 फीसदी ऐसे लोग हो सकते हैं जिन्हें Asymptomatic लोगों से ही इन्फेक्शन हुआ।

वहीं अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन का अनुमान है कि ऐसे केस 35 फीसदी तक हो सकते हैं। इसी कांसेप्ट की वजह से दुनिया के कई देशों में सभी लोगों से मास्क पहनने की अपील की गई है।

हालांकि, बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित भी दो तरह के होते हैं। एक जिनमें शुरुआत में लक्षण नहीं मिलते (Presymptomatic), लेकिन कुछ दिनों के बाद लक्षण दिखने लगते हैं।

वहीं, दूसरे प्रकार के वे लोग होते हैं जो पॉजिटिव होते हैं, लेकिन उनमें संक्रमण कभी नहीं दिखते (Asymptomatic)। डब्ल्यूएचओ हेल्थ इमरजेंसीज प्रोग्राम की टेक्निकल लीड और महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ.मारिया वैन केरखोवे ने कहा कि उनका कमेन्ट बिल्कुल Asymptomatic लोगों के लिए था।

अगर हम मारिया वैन की बातों पर गौर करें तो उन्होंने कहा था कि उन्होंने पिछला बयान सिर्फ 2 या 3 स्टडी पर आधारित था।

उन्होंने ये भी कहा कि वह एक सवाल का जवाब दे रही थीं, कोई डब्ल्यूएचओ की पॉलिसी का ऐलान नहीं कर रही थी।

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बिना लक्षण वाले लोगों से वायरस फैलता है: स्टडी

इससे पहले दुनियाभर के मेडिकल साइंटिस्ट ने उनके बयान की कड़ी आलोचना की थी। वैज्ञानिकों ने कहा था कि काफी स्टडी में ये बात सामने आ चुकी है कि बिना लक्षण वाले लोगों से वायरस फैलता है।

उसने ये भी कहा कि बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित से वायरस फैलने को लेकर हमारे पास सटीक जवाब नहीं है। यह निश्चित है कि बिना लक्षण वाले मरीजों से वायरस फैलता है। लेकिन इसका आंकड़ा कितना है, इसका जवाब अब तक नहीं मिला है। वैज्ञानिक अभी इसका पता लगाने में जुटे हुए हैं।

मारिया के अनुसार ये कहना कि दुनिया में बिना लक्षण वाले (Asymptomatic) कोरोना पॉजिटिव लोगों से संक्रमण बहुत कम फैलता है, ये एक गलतफहमी होगी।

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Aditya Mishra

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