सच्चाई पर पर्दा डालने में जुटा चीन, लेखिका को जान से मारने की धमकियां

कोरोना वायरस की शुरुआत को लेकर चीन पूरी दुनिया के निशाने पर है। तमाम मीडिया रिपोर्टों में इस बात का दावा किया गया है कि यह वायरस चीन के वुहान शहर से ही दुनिया के दूसरे मुल्कों तक पहुंचा।

अंशुमान तिवारी

बीजिंग। ‌कोरोना वायरस की शुरुआत को लेकर चीन पूरी दुनिया के निशाने पर है। तमाम मीडिया रिपोर्टों में इस बात का दावा किया गया है कि यह वायरस चीन के वुहान शहर से ही दुनिया के दूसरे मुल्कों तक पहुंचा। वुहान में कोरोना काबू में लाने के लिए चीन ने कड़े कदम उठाए और इस शहर को पूरी तरह सील कर दिया। इस दौरान के पूरे घटनाक्रम को वहां डायरी के जरिए सबके सामने लाने वाली स्थानीय लेखिका फेंग फेंग को अब जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। चीन के लोगों का आरोप है कि फेंग की वजह से ही पूरी दुनिया में चीन की बदनामी हुई है।

फेंग ने लिखी है वुहान डायरी

वुहान की 64 साल की लेखिका फेंग फेंग को 2019 में लेखन के लिए देश का सर्वोच्च सम्मान मिल चुका है। उन्होंने वुहान डायरी के नाम से वुहान के बारे में बहुत कुछ लिखा है। वुहान में कोरोना का पहला मामला पिछले साल दिसंबर में सामने आया था। चीन की सरकार ने यहां 30 जनवरी को बेहद सख्त लॉकडाउन घोषित किया था। यह लॉकडाउन 8 अप्रैल तक चला।

इसी दौरान फेंग ने बुहान डायरी के नाम से यहां की तस्वीर खींची। शुरुआत में उन्होंने शहर की हल्की-फुल्की बातों को ही वुहान डायरी में लिखा कि कैसे शहर की झील बिल्कुल शांत हो गई है और उसका पानी कितना उदास दिखता है। उनका कमरा सूरज की किरणों से कैसे रोशन हो रहा है। पड़ोसी लोग कैसे एक- दूसरे की मदद कर रहे हैं।

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सच्चाई बताने पर शुरू हुआ बवाल

जब तक फेंग ने वुहान डायरी में हल्की फुल्की बातें लिखी तब तक तो सबकुछ ठीक था मगर जैसे ही उन्होंने वुहान में सरकारी बंदइंतजामी के बारे में बताना शुरू किया वैसे ही बवाल शुरू हो गया। फेंग ने वुहान डायरी में यह भी बताया कि अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं है और लोगों को जबरन भगाया जा रहा है। वहां के लोग मास्क की कमी की वजह से दिक्कत झेल रहे हैं। उन्होंने एक डॉक्टर दोस्त के हवाले से यह भी लिखा कि यह बीमारी बहुत तेजी से इंसान से इंसान में फैल रही है, लेकिन कुछ नहीं किया गया।

लोग बताने लगे देश विरोधी

चीन में मीडिया पर बेहद सख्त सेंसरशिप है। जब अमेरिका सहित तमाम अन्य ताकतवर देशों ने कोरोना को लेकर चीन को कटघरे में खड़ा करना शुरू किया तो फेंग की दिक्कतें भी बढ़ गईं। चीन में ट्विटर की तरह वीबो प्लेटफार्म है। हालांकि कुछ लोगों ने इस प्लेटफार्म पर फेंग को साहसी बताया, लेकिन अधिकांश लोग उन्हें देश विरोधी बताने लगे।

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उनके खिलाफ यगआरोप लगाया जाने लगा कि फेंग ने दूसरे देशों के हाथों में चीन के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने वाला हथियार सौंप दिया है। उन पर पैसे के लिए देश का सम्मान बेचने तक का आरोप मढ़ दिया गया। फेंग ने हाल में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि मैंने दुनिया के सामने सच्चाई रखी है। मुझे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

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अमेरिकी कंपनी छापेगी किताब

अमेरिकी पब्लिशर्स कंपनी हार्पर कॉलिंस फेंग की वुहान डायरी के कुछ अंश को किताब की शक्ल दे रही है। उम्मीद है कि फेंग की यह डायरी किताब की शक्ल में जून में बाजार में आ जाएगी। चीन के सरकारी अखबारों में उनकी इस किताब का भी विरोध शुरू हो गया है।

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फेंग किताब का विरोध करने पर सवाल पूछती हैं और कहती हैं कि लोगों को इसे ठीक से पढ़ना चाहिए। मैंने तो यही बताने की कोशिश की है कि चीन ने इस बीमारी से कितने कारगर तरीके से लड़ाई लड़ी है। मुझे इस किताब से कोई कमाई नहीं करनी है, किताब से मिली रॉयल्टी को मैं कोरोना से मरे लोगों के परिवारों पर खर्च करूंगी।

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