Manoj Kumar Death News: मनोज कुमार’ का निधन केवल एक अभिनेता का नहीं, बल्कि एक विचार और युग का अंत, एक अपूर्णनीय क्षति
Manoj Kumar Wiki in Hindi: प्रसिद्ध अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी (Harikrishan Giri Goswami) था।;
Manoj Kumar (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
Manoj Kumar Passes Away: भारतीय सिनेमा के गौरव, अभिनेता-निर्देशक-लेखक मनोज कुमार (Manoj Kumar) अब हमारे बीच नहीं रहे। देशभक्ति की भावना को परदे पर जीवंत करने वाले महान कलाकार ‘भारत कुमार’ (Bharat Kumar) का निधन केवल एक अभिनेता का नहीं, बल्कि एक विचार और युग का अंत है। प्रसिद्ध अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी (Harikrishan Giri Goswami) था। उनका निधन 4 अप्रैल 2025 को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में हुआ। मृत्यु का मुख्य कारण हृदय संबंधी जटिलताएं थीं, जबकि दूसरा कारण यकृत सिरोसिस (Liver Cirrhosis) बताया गया है। आइए उनके जीवन के कुछ रोचक पहलुओं, फिल्मों, गीतों और उपलब्धियों पर नजर डालते हैं -
प्रारंभिक जीवन और अभिनय की शुरुआत (Manoj Kumar Wiki In Hindi)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को अब पाकिस्तान के एबटाबाद में हुआ। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया। फिल्मों के प्रति आकर्षण इतना था कि दिलीप कुमार से प्रेरित होकर उन्होंने अपना नाम 'मनोज कुमार' रखा।
उनकी पहली फिल्म थी ‘फैशन’ (1957), लेकिन उन्हें पहचान मिली ‘हरियाली और रास्ता’ (1962) और ‘वो कौन थी?’ (1964) जैसी रोमांटिक और रहस्यमयी फिल्मों से।
देशभक्ति की परिभाषा: ‘भारत कुमार’ का जन्म
मनोज कुमार को असली प्रसिद्धि मिली 1965 की फिल्म ‘शहीद’ से, जिसमें उन्होंने भगत सिंह की भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने ‘उपकार’ (1967), ‘पूरब और पश्चिम’ (1970), ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ (1974) और ‘क्रांति’ (1981) जैसी फिल्में बनाईं। ‘उपकार’ की प्रेरणा उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे 'जय जवान, जय किसान' से मिली थी।
हिट गीत जो आज भी गूंजते हैं
‘मेरे देश की धरती सोना उगले’ – उपकार
‘है प्रीत जहां की रीत सदा’ – पूरब और पश्चिम
‘ज़िंदगी की ना टूटे लड़ी’ – क्रांति
‘अंदाज़ अपना अपना’ – रोटी, कपड़ा और मकान
इन गीतों में देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों का अनूठा संगम मिलता है।
फिल्मी जीवन से जुड़े कुछ रोचक किस्से
मशहूर फिल्म अभिनेता मनोज कुमार के लंबे फिल्मी जीवन से जुड़े कई ऐसे रोचक किस्से हैं जो बेहद लोकप्रिय हैं। जो कि इस प्रकार हैं -
1. ‘उपकार’ की कहानी के पीछे लाल बहादुर शास्त्री:
प्रधानमंत्री शास्त्री जी ने मनोज कुमार से कहा था – “जय जवान, जय किसान” पर एक फिल्म बनाइए। मनोज कुमार ने इसे अपना मिशन बना लिया और ‘उपकार’ बनाई, जो इतिहास बन गई।
2. पाकिस्तान में भी लोकप्रियता:
उनकी फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’ को पाकिस्तान में इतना पसंद किया गया कि वहां के सिनेमाघरों में महीनों चली।
3. राज कपूर ने दी थी ‘क्रांति’ की सलाह:
जब मनोज कुमार फिल्म ‘क्रांति’ पर काम कर रहे थे, राज कपूर ने सलाह दी कि इसे मल्टी-स्टारर बनाओ। नतीजा: दिलीप कुमार, शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दिग्गजों के साथ क्रांति भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्म बन गई।
4. मूक संवाद का जादू:
‘शोर’ फिल्म में बेटे की मौत के बाद का दृश्य पूरी तरह मूक है, लेकिन मनोज कुमार की आंखों की अभिव्यक्ति ने दर्शकों को रुला दिया।
कितनी फिल्मों में काम किया (Manoj Kumar Movies)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
मनोज कुमार ने लगभग 55 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें से 20 से ज्यादा फिल्में सुपरहिट रहीं। उन्होंने कई फिल्मों का निर्देशन और लेखन भी किया.
पुरस्कार और सम्मान
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार – ‘उपकार’ के लिए
फिल्मफेयर पुरस्कार – सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, निर्देशक, संवाद
पद्म श्री – 1992
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार – 2016 (भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान)
लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड – 1999 जैसे कई सम्मान और पुरस्कार इन्हें अपनी बेहतरीन उपलब्धियों और सिनेमा जगत में योगदान के चलते हासिल हुए।
एक युग का अंत
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
मनोज कुमार केवल अभिनेता नहीं थे – वह एक विचारधारा, एक आंदोलन, और भारत की आत्मा के दूत थे। उनकी फिल्मों ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि देशभक्ति, समानता और आत्मसम्मान के बीज भी बोए।
उनका जाना अपूरणीय क्षति है, पर उनके गीत, संवाद और फिल्में उन्हें अमर बनाए रखेंगी।