'अमित शाह तैयार...', संसद में हंगामे के बीच किरेन रिजिजू का बड़ा बयान, प्रियंका गांधी ने दिया साफ संदेश

Parliament Monsoon Session 2026: संसद में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर हंगामे के बीच किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा को तैयार है और अमित शाह जवाब देंगे। प्रियंका गांधी ने बयान की मांग की।

Update:2026-08-10 14:39 IST

Amit Shah, Kiren Rijiju: संसद के मानसून सत्र में छात्रों के प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव सोमवार को भी जारी रहा। सदन में भारी नारेबाजी के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने को तैयार हैं।

रिजिजू ने विपक्षी सांसदों से अपील करते हुए कहा कि वे चर्चा के बीच में भागें नहीं, बल्कि पूरी चर्चा सुनें। उन्होंने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की और कहा कि सरकार सवालों से बच नहीं रही है।

'सरकार चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह देंगे जवाब'

भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए सहमत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को चर्चा के बीच से “भागना” नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष के पास इस मुद्दे पर सवाल हैं तो सरकार उनका जवाब देने के लिए तैयार है।

केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है और सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है।

प्रियंका गांधी ने भी साफ कर दिया रुख

दूसरी ओर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सरकार के प्रस्ताव के बावजूद विपक्ष की स्थिति स्पष्ट कर दी। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब तक गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के मुद्दे पर सदन में बयान नहीं देते, तब तक संसद में गतिरोध खत्म होने की संभावना नहीं है।

प्रियंका गांधी ने कहा, “मुझे लगता है कि गतिरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक गृह मंत्री बयान नहीं देते।”

इस बयान से साफ है कि विपक्ष केवल चर्चा के बजाय गृह मंत्री की ओर से सीधे बयान की मांग पर अड़ा हुआ है।

नारेबाजी के बीच बढ़ा सियासी टकराव

सोमवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष की ओर से जोरदार नारेबाजी देखने को मिली। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।

सरकार की ओर से जहां चर्चा के जरिए मुद्दे को सदन में उठाने और जवाब देने की बात कही जा रही है, वहीं विपक्ष गृह मंत्री के बयान को अपनी प्रमुख मांग बना रहा है। यही मतभेद संसद में जारी गतिरोध की बड़ी वजह बना हुआ है।

चार दिन बचे, अहम बिलों पर भी संकट

मानसून सत्र खत्म होने में अब सिर्फ चार दिन बाकी हैं। ऐसे में संसद में जारी हंगामे का असर सरकार के विधायी एजेंडे पर भी पड़ सकता है।

महिला आरक्षण, परिसीमन और Foreign Contribution (Regulation) Act यानी FCRA से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है। सोमवार को लोकसभा की कार्यसूची में इनमें से कोई भी विधेयक शामिल नहीं था।

ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सरकार और विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर कोई बीच का रास्ता निकाल पाएंगे या अमित शाह के बयान की मांग को लेकर संसद का गतिरोध सत्र के आखिरी दिनों तक जारी रहेगा।

सरकार और विपक्ष के रुख में क्या अंतर?

सरकार का रुख: छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह जवाब देने को तैयार।

विपक्ष की मांग: गृह मंत्री अमित शाह सदन में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर बयान दें।

यानी मुद्दा अब सिर्फ चर्चा का नहीं, बल्कि गृह मंत्री के सदन में बयान का बन गया है। मानसून सत्र के बचे चार दिन इस राजनीतिक टकराव के लिहाज से बेहद अहम होने वाले हैं।

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