झारखंड में छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू, बाबूलाल मरांडी समेत कई BJP नेता हिरासत में; CBI जांच पर अड़े प्रदर्शनकारी

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू हो गया है। बाबूलाल मरांडी समेत कई BJP नेता हिरासत में लिए गए। छात्र CBI जांच की मांग पर अड़े हैं।

Update:2026-08-10 11:30 IST

Jharkhand JPSC-JSSC Students Protest: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू हो गया है। पिछले दो सप्ताह से आंदोलन कर रहे छात्र आज रांची में पुरानी विधानसभा के पास से नई विधानसभा की ओर कूच कर रहे हैं। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और धारा 163 लागू है।

वहीं, छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे बीजेपी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए नेताओं में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और सांसद आदित्य साहू समेत कई नेता शामिल हैं।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन, BJP नेता हिरासत में

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर छात्रों के समर्थन में बीजेपी नेताओं ने भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे बीजेपी नेताओं को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए गए नेताओं में बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू समेत कई बीजेपी नेता शामिल हैं। बीजेपी ने छात्र आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार पर युवाओं की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।





सरकार और छात्रों के बीच फिर बढ़ा टकराव

सरकार की ओर से कुछ मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बावजूद CBI जांच और सभी परीक्षाओं को लेकर छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक कथित परीक्षा घोटालों की स्वतंत्र और व्यापक जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।

अब विधानसभा मार्च के दौरान प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति कैसी रहती है, इस पर सभी की नजर है। राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के बीच छात्रों का आंदोलन झारखंड की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गया है।

एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में पहुंचे देवेंद्र नाथ मेहतो

छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ मेहतो भी विधानसभा मार्च में हिस्सा लेने के लिए एंबुलेंस से रवाना हुए। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।

पुरानी विधानसभा के पास जुटे छात्र

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ बड़ी संख्या में छात्र रांची की पुरानी विधानसभा बिल्डिंग के पास जमा हुए हैं। प्रदर्शनकारी यहां से नई विधानसभा भवन की ओर मार्च कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस फैसला नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से धरना और अनशन कर रहे हैं। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद छात्रों ने विधानसभा मार्च का फैसला किया।

पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, जगह-जगह बैरिकेडिंग

छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। विधानसभा के आसपास और शहर के प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। कई जगह बैरिकेडिंग की गई है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा कि प्रस्तावित मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क किया गया है। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च करने की अपील की।

एडीजी ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से चल रहे आंदोलन के दौरान छात्रों ने अनुशासन बनाए रखा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी असामाजिक तत्व या उपद्रवी को मार्च में शामिल होने से रोकें।

CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र

छात्रों की सबसे बड़ी मांग पूरे मामले की CBI जांच है। सरकार 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने और परीक्षा में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच ED से कराने पर सहमत होने की बात कह रही है। इसके अलावा मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का प्रस्ताव भी सामने आया है।

हालांकि छात्र CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल एक परीक्षा रद्द करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। वे JPSC-JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं।

'कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो छात्र के करियर पर दाग लगेगा'

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस नहीं चाहती कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की वजह से किसी छात्र के करियर पर कोई दाग लगे।

एसएसपी के मुताबिक, शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और सुरक्षा के लिए अवरोधक लगाए गए हैं।

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