रांची में महासंग्राम! विधानसभा के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, 6 सुरक्षा घेरे ध्वस्त

Ranchi Assembly March Tear Gas: रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा के पास 7 में से 6 सुरक्षा घेरे तोड़ दिए और करीब 100 मीटर तक पहुंच गए। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया।

Update:2026-08-10 15:26 IST

Ranchi Assembly March Tear Gas: झारखंड की राजधानी में सोमवार को छात्रों का गुस्सा अचानक बेकाबू हो गया। प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ सड़क पर उतरे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। हालात इस कदर बिगड़ गए कि पुलिस को उग्र भीड़ को पीछे खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। प्रदर्शनकारी छात्र सुरक्षा व्यवस्था के 7 में से 6 मजबूत अवरोधक तोड़कर विधानसभा भवन से महज 100 मीटर की दूरी तक आ पहुँचे। जब स्थिति हाथ से निकलने लगी तो पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद भी आक्रोशित युवा पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और सड़क पर बैठकर धरना देने लगे।

विधायक ने बढ़ाया हौसला

आंदोलन के दौरान उस वक्त काफी हलचल मच गई जब डुमरी क्षेत्र के विधायक जयराम महतो अचानक सदन से बाहर आकर आंदोलनकारियों के बीच आ पहुँचे। उन्होंने युवाओं को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की और आश्वस्त किया कि वे इस अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर आवाज उठाएंगे। इस भावुक मौके पर अभ्यर्थियों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया। दूसरी ओर, युवाओं की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें खेलगांव स्थित अस्थायी जेल भेज दिया गया। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने सरकार की इस प्रशासनिक कार्रवाई को तानाशाही करार दिया।

पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी

सड़कों पर मचे इस हंगामे के बीच सीआईडी ने एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांगते को जांच एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर 14वीं नागरिक सेवा परीक्षा में काली सूची में शामिल एक संदिग्ध कंपनी को शामिल करने का संगीन आरोप है। दूसरी तरफ, प्रदर्शन स्थल पर एक बेहद अनोखा नजारा देखने को मिला। जब पुलिस ने आखिरी सुरक्षा घेरे पर अभ्यर्थियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, तो उग्र युवा पानी की धार के बीच खुशी से झूमने और थिरकने लगे। युवाओं ने पुलिसकर्मियों से और पानी फेंकने की चुनौती दी।

15 दिनों से जारी आंदोलन

उल्लेखनीय है कि अभ्यर्थी पिछले 15 दिनों से प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की जिद पर अड़े हुए हैं। शासन द्वारा कई दौर की बातचीत किए जाने के बावजूद जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो युवाओं का पूरा धैर्य जवाब दे गया। प्रशासन द्वारा भारी नाकेबंदी किए जाने के बाद भी हजारों की संख्या में पहुंचे युवा बैरिकेड्स फांदते हुए आगे बढ़ते चले गए। फिलहाल विधानसभा परिसर के बाहर भारी तनाव बना हुआ है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक उनका यह उलगुलान जारी रहेगा।

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