बैरिकेड टूटे, वाटर कैनन चला फिर लाठियां...रणभूमि बना रांची! पेपर लीक पर छात्रों का ऐसा प्रदर्शन, पुलिस भी परेशान
Ranchi Assembly Gherao Lathi Charge: झारखंड में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। रांची में विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
Ranchi Assembly Gherao Lathi Charge: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक और बड़े पैमाने पर हुई धांधली के खिलाफ युवाओं का गुस्सा अब बेकाबू हो चुका है। पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत हजारों की तादाद में उग्र अभ्यर्थियों ने आज सुबह राजधानी रांची में एकजुट होकर विधानसभा घेराव के लिए अपनी यात्रा शुरू की। प्रदर्शनकारियों के इस विशाल जनसैलाब को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने रास्ते में जगह-जगह नुकीले और कांटों वाले मजबूत बैरिकेड्स खड़े कर रखे थे। हालांकि, न्याय की आस में सड़कों पर उतरे आक्रोशित युवाओं ने भारी उथल-पुथल के बीच कई स्थानों पर इन अवरोधकों को उखाड़ फेंका और अपने हाथों में तिरंगा झंडा थामे आगे बढ़ते रहे।
पानी की तेज बौछारें और पुलिस का लाठीचार्ज
विधानसभा की तरफ तेजी से बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बलों ने सबसे पहले वाटर कैनन का सहारा लिया और छात्रों पर ठंडे पानी की तेज धार छोड़ना शुरू कर दिया। जब पानी की बौछारें भी जुझारू युवाओं के बुलंद हौसलों को डिगा नहीं पाईं और टैंक का पानी समाप्त हो गया, तब स्थिति अधिक तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन की बार-बार की गई अपीलों को अनसुना कर जब अभ्यर्थी सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ते रहे, तो पुलिस अधिकारियों ने स्थिति पर काबू पाने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए लाठियां भांजना शुरू कर दिया। इस दौरान सड़क पर काफी अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
'पानी में दम नहीं' – डांस करते दिखे युवा
पुलिसिया दबाव के बावजूद आंदोलनकारी युवाओं का मनोबल बिल्कुल भी कमजोर पड़ता नजर नहीं आया। दूर-दराज के शहरों से रांची पहुंचे अभ्यर्थियों ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे पूरी तरह से अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को रखने आगे बढ़ रहे हैं। पानी की बौछारों के बीच कई युवा नाचते और नारेबाजी करते हुए दिखे। कुछ छात्रों ने तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन का पानी भी इतना कमजोर है कि वह उनकी आवाज को दबा नहीं सकता। अभ्यर्थियों ने साफ शब्दों में दोहराया कि जब तक वे अपनी बात सरकार तक नहीं पहुंचा लेते, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है।
अनुशासित आंदोलन और CM को जन्मदिन की बधाई
सड़कों पर जारी इस जबरदस्त गहमागहमी के बीच प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपने आचरण से एक नई मिसाल भी पेश की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह आंदोलन किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा, हिंसक तोड़फोड़ या सांप्रदायिक नारेबाजी से पूरी तरह मुक्त है। यहां केवल और केवल छात्रों के भविष्य और रोजगार का मुद्दा उठाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के इसी माहौल के बीच अभ्यर्थियों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं और उनसे जल्द से जल्द न्याय करने की गुहार लगाई।
2 हफ्तों के अनशन के बाद सड़कों पर उतरा गुस्सा
उल्लेखनीय है कि JPSC और JSSC जैसी शीर्ष संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई संस्थागत गड़बड़ियों को लेकर छात्र संगठन पिछले 14 दिनों से लगातार भूख हड़ताल और धरना दे रहे थे। शासन के साथ कई चक्रों की लंबी वार्ताएं आयोजित की गईं, लेकिन किसी भी ठोस समाधान पर सहमति न बन पाने के कारण मजबूरन छात्रों को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। हालात की गंभीरता को देखते हुए रांची शहर के संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है। दूसरी ओर, धरना दे रहे बाबूलाल मरांडी सहित कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया है।
राजधानी में सुरक्षा सख्त, धारा 163 लागू
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखना सभी नागरिकों का प्राथमिक कर्तव्य है। प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि किसी भी छात्र को ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए जिससे उनके आने वाले करियर पर कानूनी आंच आए। विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा प्रभावी घोषित की गई है। इसी तरह के सुरक्षा इंतजाम पड़ोसी जिलों में भी लागू किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।