ED Summon To Tejashwi: तेजस्वी को ईडी ने फिर भेजा समन, विदेश यात्रा की अनुमति वाली याचिका पर कोर्ट में सुनवाई जल्द

ED Summon To Tejashwi: अक्टूबर में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू यादव, बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और राजद सांसद मीसा भारती को राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में चारों को जमानत दे दी थी। तेजस्वी यादव ने अदालत से अगले साल छह से 18 जनवरी तक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करने की अनुमति मांगी है।;

Update:2023-12-23 17:00 IST
ED again sent summons to Tejashwi, hearing in court soon on the petition for permission to travel abroad

तेजस्वी को ईडी ने फिर भेजा समन, विदेश यात्रा की अनुमति वाली याचिका पर कोर्ट में सुनवाई जल्द: Photo- Social Media

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ED Summon To Tejashwi: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को शनिवार को एक नया समन भेजा है। उन्हें रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने बुलाया है। ईडी ने तेजस्वी को पांच जनवरी को पेश होने को कहा है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी विदेश यात्रा करने की मांग वाली याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है।

विदेश जाने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है-

बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अदालत से अगले साल छह से 18 जनवरी तक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करने की अनुमति मांगी है। बता दें, इससे पहले ईडी ने तेजस्वी यादव को 22 दिसंबर और उनके पिता आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 27 दिसंबर को एजेंसी के सामने पेश होने का आदेश दिया था। हालांकि, 22 दिसंबर के समन को तेजस्वी ने नजरअंदाज कर दिया और एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।

अक्टूबर में मिली थी जमानत

गौरतलब है, अक्टूबर में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू यादव, बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और राजद सांसद मीसा भारती को राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में चारों को जमानत दे दी थी।

क्या है नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामला?

-2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि लालू के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे भर्ती में घोटाला हुआ। कहा जा रहा है कि नौकरी लगवाने के बदले आवेदकों से जमीन और प्लॉट लिए गए।

-सीबीआई ने इस मामले में जांच के बाद लालू प्रसाद यादव और उनकी बेटी मीसा भारती के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि जो जमीनें ली गईं वो राबड़ी देवी और मीसा भारती के नाम पर भी ली गईं।

क्या ये मामला 2017 के आईआरसीटीसी घोटाले से अलग है?

आईआरसीटीसी का मामला रेलवे भर्ती घोटाले से अलग है। आईआरसीटीसी घोटाले का आरोप भी 2004 में लालू के रेल मंत्री रहते होने की बात है। दरअसल, रेलवे बोर्ड ने उस समय रेलवे की कैटरिंग और रेलवे होटलों की सेवा को पूरी तरह आईआरसीटीसी को सौंप दिया था। इस दौरान रांची और पुरी के बीएनआर होटल के रखरखाव, संचालन और विकास को लेकर जारी टेंडर में अनियमिताएं किए जाने की बातें सामने आई थीं।

ये टेंडर 2006 में एक प्राइवेट होटल सुजाता होटल को मिला था। आरोप है कि सुजाता होटल्स के मालिकों ने इसके बदले लालू यादव परिवार को पटना में तीन एकड़ जमीन दी, जो बेनामी संपत्ति थी। इस मामले में भी लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई लोग आरोपी हैं।

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