Krishna Janmabhoomi Case: हिंदू पक्ष ने विवादित ढांचा को बताया ASI के तहत एक स्मारक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
Krishna Janmabhoomi Case: श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। आइये जानते हैं कोर्ट ने इस विवाद पर क्या फैसला सुनाया है।;
सुप्रीम कोर्ट
Krishna Janmabhoomi Case: मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद और श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर विवाद को लेकर ताजा अपडेट सामने आई है। इस विवाद को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लिया है कि वह हिंदू पक्षों की तरफ से उठाए गए नए दावों की जांच करेगा। दरअसल, हिंदू पक्ष ने शाही ईदगाह को आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के तहत एक संरक्षित स्मारक बताया है, जिसका इस्तेमाल मस्जिद के रूप में नहीं किया जा सकता है। इसे लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच करने का फैसला सुनाया है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई सुनवाई?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने मुस्लिम पक्ष की याचिका सुनते हुए हिंदू पक्षों को नोटिस जारी किया है। मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ कोर्ट में अपील किया था, जिसे लेकर अब नोटिस जारी किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि ASI संरक्षित जगह का इस्तेमाल मस्जिद के रूप में किया जा सकता है या नहीं, यह हमारे सामने पेंडिंग है। हमने कहा था कि कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए। इस मामले को मेरिट के आधार पर ही सुना जाएगा।
क्या है कृष्ण जन्मभूमि विवाद?
यह पूरा विवाद मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर है। इसे लेकर हिंदू पक्ष के लोग इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचे थे। उनका कहना है कि मस्जिद श्री कृष्ण के मंदिर की जमीन पर बनी है और औरंगजेब ने यहां मंदिर तोड़कर मस्जिद बनवाई थी। बता दें कि 12 अक्टूबर, 1968 को श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ने शाही मस्जिद ईदगाह ट्रस्ट के साथ समझौता किया था। इस समझौते में 13.7 एकड़ जमीन पर मंदिर-मस्जिद दोनों बनने की बात हुई थी। जिसके तहत कृष्ण जन्मस्थान के पास 10.9 एकड़ जमीन का मालिकाना हक है, जबकि 2.5 एकड़ जमीन का मालिकाना हक शाही ईदगाह के पास है। अब हिंदू पक्ष ने मस्जिद की 2.5 एकड़ जमीन पर भी दावा किया है। जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है।