नीतिश सरकार ने कर दिया इतना बड़ा कांड! वक्फ की आड़ में बिहार में दब गया बड़ा घोटाला

Bihar: क्या बिहार में फिर एक बार शिक्षक भर्ती के नाम पर बड़ा घोटाला हो गया?;

Update:2025-04-04 13:55 IST

Nitish Kumar (Photo: Social Media)

Bihar News: देश भर की राजनीतिक पार्टियां इन दिनों वक्फ संशोधन बिल के समर्थम और विरोध में जूझ रही हैं। संसद के दोनों सदनों से बिल पास करके राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया है। लेकिन अभी भी राजनीतिक पार्टियों की लड़ाई जारी है। लेकिन इस बीच बिहार में बड़ा घोटाला हो गया। इसकी भनक किसी को नहीं लगी। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि शिक्षक भर्ती में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षक बाहर से भर्ती किए गए हैं।   

जनसुराज पार्टी की ओर से ये दावा 1.80 लाख शिक्षक बाहर से नियुक्त किए गए। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित विक्रम और महेंद्र बैठा ने आरोप लगाते हुए कहा कि डोमिसाइल नीति नहीं होने से बिहार के युवाओं की हकमारी हुई। कहना है कि बिहार मेंं तीन लाख नहीं, बल्कि 2 लाख 68 हजार 548 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। यह नियुक्ति तीन चरणों मेंं हुई और इनमें 1.80 लाख पदों पर बाहरी लोग नियुक्त हुए हैं। अब सरकार से यह मांग की कि एक श्वेत-पत्र जारी कर यह स्पष्ट किया जाए कि बिहार में कितने युवा और युवतियों को शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। बीपीएससी की परीक्षा पास कर राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त कर चुके पहले से नियोजित शिक्षकों की संख्या लगभग 90 हजार है, जो बाहरी हैं। इसके अलावा, राज्य में 90 हजार बाहरी बीपीएससी शिक्षक भी कार्यरत हैं।

फर्जी आधार कार्ड का हो रहा इस्तेमाल

इसके साथ ही पार्टी का आरोप है कि आवासीय और आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा कर बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के लोग शिक्षक बने हैं। यह संख्या भी लगभग 10 हजार है। जनसुराज पार्टी का कहना है कि अब दोनों सरकारें मिलकर इस पर जनता के सामने साक्ष्य पेश करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नीतिश कुमार अपने सभी वादों को भूल गए हैं। मेगा पावर प्रोजेक्ट भी नहीं लगाया गया। बता दें की जनसुराज के इस दावे के बाद बिहार के युवाओं ने भी शिक्षक भर्ती की रिपोर्ट देने पर जोर डाला है।  

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