तमिलनाडु में 'थलापति' का राज्याभिषेक! राजभवन पहुंचे विजय, पहली बार टूटेगा द्रविड़ दलों का 50 साल पुराना तिलस्म

Thalapathy Vijay Arrived at Lok Bhavan: तमिलनाडु में ‘थलापति’ विजय का बड़ा सियासी धमाका! TVK बनकर उभरी सबसे बड़ी पार्टी, DMK-AIADMK का दशकों पुराना वर्चस्व टूटा। क्या विजय बनेंगे नए मुख्यमंत्री? जानिए पूरी कहानी।

Update:2026-05-06 15:47 IST

Thalapathy Vijay Arrived at Lok Bhavan: तमिलनाडु की सियासत में आज वह ऐतिहासिक क्षण आ गया है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक किसी ने नहीं की थी। सिनेमा के पर्दे पर राज करने वाले 'थलापति' विजय अब असल जिंदगी में सूबे की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। बुधवार को अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के प्रमुख विजय तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि से मिलने राजभवन पहुंचे। इस मुलाकात का मकसद साफ है राज्य में नई सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करना। 2026 के विधानसभा चुनाव नतीजों ने दशकों से चले आ रहे द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के वर्चस्व को जड़ से हिला दिया है।

सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी TVK: आंकड़ों की बाजीगरी

हाल ही में आए चुनाव नतीजों में विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबको चौंका दिया है। 234 सीटों वाली विधानसभा में TVK 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। हालांकि, बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से वह महज 10 सीटें दूर है, लेकिन कांग्रेस और अन्य छोटे दलों के समर्थन ने विजय की राह आसान कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस ने TVK को अपना समर्थन पत्र सौंप दिया है, जिससे विजय के पास अब सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। राजभवन में राज्यपाल को यही समर्थन पत्र सौंपकर विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की अनुमति मांगी है।

कांग्रेस का साथ और 'सेकुलर' सरकार का संकल्प

विजय की सरकार के गठन में कांग्रेस एक किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रही है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह तमिलनाडु में एक धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील सरकार चाहती है। TVK और कांग्रेस के बीच गठबंधन की खबरों ने राज्य की राजनीति में उत्साह भर दिया है। विजय ने भी अपने रुख में नरमी लाते हुए समावेशी राजनीति का वादा किया है। राजभवन जाने से पहले विजय ने पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की, जहां उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। अब बस राज्यपाल के न्यौते का इंतजार है, जिसके बाद चेन्नई की सड़कों पर जश्न का सैलाब उमड़ना तय है।

60 साल बाद नया इतिहास: द्रविड़ किलों का पतन

अगर विजय मुख्यमंत्री बनते हैं, तो यह 1967 के बाद पहली बार होगा जब तमिलनाडु में DMK या AIADMK के अलावा किसी तीसरे दल की सरकार बनेगी। विजय ने अपनी रैलियों में 'भ्रष्टाचार मुक्त' और 'जनता केंद्रित' शासन का जो वादा किया था, उसे अब हकीकत में बदलने की चुनौती उनके सामने है। युवाओं और महिलाओं के बीच विजय की जबरदस्त लोकप्रियता ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। तमिलनाडु की जनता अब अपने चहेते अभिनेता को एक 'प्रशासक' के रूप में देखने के लिए बेताब है। राजभवन से निकलने के बाद विजय का क्या बयान आता है, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

Tags:    

Similar News