बंगाल में BJP की जीत का ऐलान! टुडेज़-चाणक्य के Exit Poll में छप्पर फाड़ बहुमत, TMC का डब्बा गोल
Today’s Chanakya Bengal exit poll 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के Today’s Chanakya Exit Poll में BJP को 192 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत का अनुमान दिया गया है, जबकि ममता बनर्जी की TMC 100 सीटों तक सिमटती दिख रही है। 4 मई की काउंटिंग पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।
Today’s Chanakya Bengal exit poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण की वोटिंग संपन्न होते ही एग्जिट पोल्स की बाढ़ आ गई है, लेकिन 'टुडेज़-चाणक्य' के आंकड़ों ने जो तस्वीर पेश की है, उसने पूरे देश में सियासी सनसनी फैला दी है। इस एग्जिट पोल के चौंकाने वाले अनुमानों की मानें तो बंगाल की खाड़ी से उठी बदलाव की लहर ने ममता बनर्जी के 'मां-माटी-मानुष' के दुर्ग को हिलाकर रख दिया है। टुडेज़-चाणक्य के मुताबिक, बंगाल में इस बार कोई मामूली मुकाबला नहीं, बल्कि एक तरफा 'भगवा सुनामी' देखने को मिल रही है, जो पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार है।
सीटों का जादुई गणित: 192 सीटों के साथ बीजेपी की प्रचंड जीत
टुडेज़-चाणक्य के एग्जिट पोल ने बंगाल में पूर्ण सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी की है। सर्वे के अनुसार, 294 सीटों वाली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को करीब 192 सीटें मिलने का अनुमान है। यह आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी 148 की संख्या से कहीं आगे है। वहीं, पिछले 15 सालों से सत्ता के सिंहासन पर काबिज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को जबरदस्त झटका लगता दिख रहा है। सर्वे की मानें तो टीएमसी इस बार मात्र 100 सीटों के आसपास सिमट सकती है। सबसे बुरा हाल कांग्रेस और वाम मोर्चे के गठबंधन का दिख रहा है, जिन्हें मात्र 2 सीटों के साथ संतोष करना पड़ सकता है।
वोट शेयर का खेल: 48% वोट के साथ बीजेपी बनी नंबर-1
राजनीति में सीटों से ज्यादा वोट प्रतिशत जनता के मूड को दर्शाता है। टुडेज़-चाणक्य के आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी के वोट शेयर में ऐतिहासिक उछाल आया है और यह 48 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके मुकाबले टीएमसी का वोट बैंक खिसक कर 38 प्रतिशत पर आ गया है। अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में लगभग 14 फीसदी वोट जाने का अनुमान है। बीजेपी और टीएमसी के बीच का यह 10 फीसदी का बड़ा अंतर ही वह वजह है जिसके कारण सीटों का फासला इतना विशाल नजर आ रहा है। यह आंकड़े इशारा कर रहे हैं कि बंगाल के युवाओं और महिला मतदाताओं ने इस बार 'चुपचाप कमल छाप' के नारे को हकीकत में बदल दिया है।
4 मई का इंतजार: क्या सच साबित होगा चाणक्य का अनुमान?
टुडेज़-चाणक्य का यह एग्जिट पोल अगर 4 मई को आने वाले असली नतीजों में तब्दील होता है, तो यह भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर माना जाएगा। यह जीत न केवल बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार बनाएगी, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय करेगी। हालांकि, ममता बनर्जी के समर्थक इन आंकड़ों को सिरे से खारिज कर रहे हैं, लेकिन चाणक्य के सटीक ट्रैक रिकॉर्ड ने टीएमसी खेमे में बेचैनी जरूर बढ़ा दी है। क्या बंगाल वाकई 'सोनार बांग्ला' के वादे पर भरोसा कर चुका है या दीदी का जादू एक बार फिर इन आंकड़ों को गलत साबित करेगा? इसका अंतिम फैसला 4 मई की सुबह ईवीएम खुलने के साथ ही होगा।