नोएडा: बिसाहड़ा मामले में अखलाक के परिवार के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत गांव वालों की तरफ से दायर याचिका पर सोमवार को होने वाली सुनवाई टल गई है। कोर्ट ने जारचा पुलिस से इस मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट जल्द ही पुलिस कोर्ट में पेश करेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी। वकीलों की मानें तो कोर्ट की छुट्टी के चलते 13 जून को होने वाली सुनवाई को स्थगित कर दिया गया है।
09 जून को दायर की थी याचिका
-सूरजपाल की तरफ से 09 जून को सीजेएम कोर्ट में अखलाक के परिवार के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज करने के लिए याचिका दायर की थी।
-कोर्ट ने अगली तारीख 13 जून दी थी लेकिन छुट्टी होने की वजह से अब 23 जून को सुनवाई होगी।
-इससे पहले 05 जून को सूरजपाल और ग्रामीणों की ओर से जारचा थाने में अखलाक के खिलाफ तहरीर भी दी थी।
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क्या लगाया था आरोप
-बिसाहड़ा निवासी सूरजपाल ने अखलाक की मां और बेटी समेत परिवार के आठ सदस्यों पर गौवंश की हत्या का आरोप लगाया है।
-उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि कैसे अखलाक और उनके परिवार ने इस काम को अंजाम दिया।
-इसके साथ ही हिंदू समाज और गांव के लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था।
-जारचा कोतवाली के एसओ से लेकर एसएसपी ने सूरजपाल की इस शिकायत को रिसीव तो कर दिया, लेकिन जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज करने की शर्त रखी थी।
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महापंचायत के लिए नीति हो रही तैयार
-गांव में महापंचायत को लेकर जन संपर्क अभियान तेज कर दिया गया है।
-ग्रामीणों ने एफआईआर और गिरफ्तारी न होने पर रोष प्रदर्शन की घोषणा की है।
-इसके साथ ही साठा चौरासी की पंचायत कर प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया है।
-इसके लिए गांव वाले नुक्कड़ सभा कर रहे हैं।
-इन सभाओं से वह जिले में आसपास के ग्रामीणों से संपर्क कर रहे हैं।
-हर दिन गांव में पांच से छह सभाएं की जा रही हैं।