Banda News: कृषि मंत्री बोले, किसानों की आय बढ़ाने में जुटी डबल इंजन सरकार, दिखने लगा आर्थिक स्थिति में सुधार

Banda News: कृषि मंत्री शाही मंगलवार को रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में बांदा, झांसी और कानपुर मंडलों की संयुक्त मंडलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी का फीता काटकर श्रीगणेश के बाद किसानों को संबोधित किया।;

Report :  Om Tiwari
Update:2024-10-08 20:50 IST
Uttar Pradesh Agriculture Minister Surya Pratap Shahi

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही   (फोटो: सोशल मीडिया )

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Banda News: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, किसान उत्पादन बढ़ाएं, खेतों को खाली न छोड़ें। बुंदेलखंड में शत-प्रतिशत किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पम्प की सुविधा दी जाएगी। डबल इंजन सरकार किसानों की दशा बदल रही है। बुंदेलखंड में हर घर नल जल योजना संचालित है। हम सब को अपनी क्षमता व ऊर्जा का उपयोग करना है, आगे बढ़ना है। खेती में अच्छे तरीके अपनाकर तरक्की करनी है। 7 लाख 57 हजार 853 किसानों को सम्मान निधि लाभ मिल रहा है। बुंदेलखंड में मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। खेत किसान की पहचान है। किसानी के साथ बागवानी भी करें। खाद्य प्रसंस्करण के लाभ उठाएं। पहले की अपेक्षा अब किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरी है। सरकार किसानों की आय दोगुना करने में लगी है।

जेवर के साथ झांसी भी फल और सब्जी एक्सपोर्ट हब बनने की ओर

कृषि मंत्री शाही मंगलवार को रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में बांदा, झांसी और कानपुर मंडलों की संयुक्त मंडलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी का फीता काटकर श्रीगणेश के बाद किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, रबी के साथ खरीफ की कार्ययोजना भी बनाएं। ताकि किसान अच्छी फसलें उगा सकें। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं बीज उपलब्ध हैं। किसानों को मिनी किट से बीज वितरण हो रहा है। ज्वार, बाजरा के बीज में 50 प्रतिशत अनुदान निर्धारित है। इन उत्पादनों की खरीद भी हो रही है। खाद्य प्रसंस्करण में 33 प्रतिशत अनुदान का लाभ लें। चना, मटर, मसूर, सरसों की खेती पर फोकस करें। गेहूं पर 900 रुपए प्रति कुंतल एमएसपी बढाई गई है। किसान फसलों का बीमा अवश्य कराएं। जेवर और झांसी में फल एवं सब्जी एक्सपोर्ट हब बन रहा है।

किसानों को मुहैया कराई योजनाओं कि सहायता राशि

इस बीच कृषि मंत्री शाही ने विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि मुहैया कराई। कृषि यंत्रीकरण योजना से विद्यासागर को 12 लाख और कल्लू को 4 लाख रुपए का अनुदान व प्रमाण पत्र भेंट किया। सोलर पम्प योजना से विशंभर सिंह तथा जयनारायण सिंह को अनुदान का चेक सौंपा। खेत तालाब योजना में मैथलीशरण एवं कमलेश मिश्रा को अलग-अलग 1 लाख 14 हजार रुपए उपलब्ध कराए। फसल बीमा योजना से लखनलाल को 3 लाख 23 हजार दिए। घनश्याम, सियादुलारी व अन्य क को मिनी किट वितरित की। किसानों को स्टालों के जरिए योजनाओं से अवगत कराया गया।

UP को 1 ट्रिलियन डालर एकोनामी बनाने में किसान अहम

कृषि उत्पादन आयुक्त मोनिका एस गर्ग ने गोष्ठी में कहा, प्रदेश की एक ट्रिलियन डालर की अर्थ व्यवस्था बनाने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसान कृषि विविधीकरण एवं उन्नत तकनीक अपनाएं। मृदा परीक्षण अवश्य कराएं। उसी अनुरूप उर्वरकों का उपयोग करें। इसमें एफपीओ की भी मदद लें।श्रीमती गर्ग ने कहा, किसान नवाचार सीखें। खेतों में जीवांश बढ़ाएं। मौसम आधारित खेती का लाभ लें। बुंदेलखंड आंवला, चंदन, अंजीर, मूंगफली, अदरक व हल्दी की खेती के लिए सर्वथा उपयुक्त है। साथ ही किसान उद्यमी बनें। फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाएं। इससे काफी आर्थिक लाभ होगा। उन्होंने कहा, हर साल कृषि विज्ञान केंद्र सेे दो गांवों को चयनित कर माॅडल कृषि ग्रामो के रूप में विकसित किया जाए।

किसानों की आय बढ़ाने को रणनीति बनाना गोष्ठी का मकसद

प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र कुमार ने कहा, गोष्ठी का मकसद किसानों की आय बढाने के लिए रणनीति बनाना है। उन्होंने कहा, किसान उन्नतशील बीजों का तथा संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें। बुंदेलखंड में जल संरक्षण के लिए खेत-तालाब योजना लागू है। स्प्रिन्कलर सिंचाई की व्यवस्था भी की गई है। अन्ना पशुओं से फसलें बचाने के लिए जल्द ही सोलर फैसिंग योजना संचालित होगी। उन्होंने कहा, प्रदेश में आलू, गेहूं और सरसों की उपज बढ़ी है।

किसानों की इंगित समस्याओं का तत्परता से होगा समाधान

कृषि निदेशक जितेंद्र सिंह ने गोष्ठी में किसानों के विचारों को सराहते हुए कहा, इंगित समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। तुलसी की खेती को फसल बीमा से जोड़ा जाएगा। विशेष सचिव राजस्व अनुराग पटेल ने कहा, वरासत तथा चकबंदी मामले निस्तारित करने के लिए गांवों में चौपाल लगाई जा रही है। लोक अदालतों से राजस्व वादों का निराकरण हो रहा है।

बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती के प्रयासों पर डाली रौशनी

चित्रकूटधाम मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी ने मंडल में बीज तथा उर्वरकों की उपलब्धता बताई। कहा, मंडल में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढावा दिया जा रहा है। बुंदेलखंड में मिलेट्स उत्पादन की बेहतर संभावनाएं हैं। किसान विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेकर उत्पादन बेहतर करने के साथ आय बढ़ा सकते हैं।

पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने कृषि तरक्की के लिए सराहा

पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने कहा, बांदा में कृषि विश्वविद्यालय, स्वयंसेवी संस्थाएं, सरकारी विभाग कृषि की तरक्की के लिए अच्छा कार्य कर रहे हैं। जिले में बासमती चावल की अच्छी पैदावार है। क्रय करने तथा मूल्य निर्धारण की जरूरत है। गोष्ठी में जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, गौ-सेवा आयोग अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, पूर्व सांसद आरके पटेल, झांसी मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे, संयुक्त विकास आयुक्त कानपुर एनसी सविता, ग्राम विकास सचिव सुखलाल भारती, विशेष सचिव उद्यान ओमप्रकाश वर्मा, बांदा जिलाधिकारी नगेंद्र प्रताप, तीनों मण्डलों के सभी मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त निदेशक कृषि एवं उप निदेशक समेत बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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