"BJP से 6 बार सांसद रहा, बेटा-पत्नी भी...," सपा में जाने की चर्चाओं पर बृजभूषण ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा संकेत!
Brij Bhushan Sharan Singh News: BJP के नेता बृज भूषण शरण सिंह ने सपा में जाने की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी। 2027 चुनाव से पहले यूपी की सियासत में नए समीकरण के संकेत।
Brij Bhushan Sharan Singh News: यूपी की सियासत में इन दिनों हवाएं बहुत तेजी से बदल रही हैं। कैसरगंज के कद्दावर नेता और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पिछले कई दिनों से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या वह भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कहकर समाजवादी पार्टी का दामन थामने वाले हैं? इन सवालों का जवाब खुद बृज भूषण शरण सिंह ने मुजफ्फरनगर की धरती पर दिया है। उनके इस बयान के बाद अब समर्थकों और विरोधियों के बीच नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। क्या यह केवल एक सामान्य बयान है या फिर किसी बड़े राजनीतिक तूफान के आने से पहले की खामोशी? आइए जानते हैं कि आखिर उन्होंने पत्रकारों के तीखे सवालों पर क्या कहा और उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब कौन सा नया समीकरण बनने जा रहा है।
मुजफ्फरनगर में पत्रकारों के सवालों पर बृज भूषण ने तोड़ी चुप्पी
बृज भूषण शरण सिंह रविवार को मुजफ्फरनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। वहां मौजूद पत्रकारों ने उनसे सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी में शामिल होने की बढ़ती अटकलों को लेकर सवाल दाग दिया। इस पर उन्होंने बड़े ही बेबाक अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि लोगों का काम तो कहना ही है। उन्होंने अपने परिवार के राजनीतिक रसूख का हवाला देते हुए याद दिलाया कि उनका एक बेटा फिलहाल बीजेपी से सांसद है और दूसरा बेटा विधायक की जिम्मेदारी संभाल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह खुद छह बार सांसद रह चुके हैं और उनकी पत्नी ने भी एक बार सांसद के रूप में क्षेत्र की सेवा की है। इन सब तर्कों के साथ उन्होंने फिलहाल बीजेपी में ही बने रहने का बड़ा दावा किया है।
अखिलेश यादव का सस्पेंस और बृज भूषण का नरम रुख
भले ही बृज भूषण अभी खुद को बीजेपी का हिस्सा बता रहे हों, लेकिन समाजवादी पार्टी के प्रति उनका नरम रुख काफी समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। खासकर अखिलेश यादव के साथ उनकी बढ़ती नजदीकियों को लेकर राजनीतिक जानकार कई तरह के कयास लगा रहे हैं। जब कुछ समय पहले अखिलेश यादव से इस संभावित गठबंधन पर सवाल किया गया था, तो उन्होंने भी रहस्यमयी तरीके से जवाब दिया था कि आने वाले समय में क्या परिस्थितियां होंगी, यह अभी नहीं कहा जा सकता। अखिलेश यादव के इस बयान और बृज भूषण की तरफ से मिल रहे सकारात्मक संकेतों ने इन अटकलों को और अधिक हवा दी है कि भविष्य में कुछ बड़ा होने वाला है।
बेटी शालिनी सिंह की सियासी एंट्री और नोएडा से दावेदारी
बृज भूषण शरण सिंह के साथ-साथ अब उनकी बेटी शालिनी सिंह भी राजनीति के मैदान में उतरने के लिए अपनी पिच तैयार कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने मजदूर आंदोलन के दौरान मजदूरों के पक्ष में बयान देकर अपनी सक्रियता के संकेत दिए थे। सियासी गलियारों में यह माना जा रहा है कि उन्हें नोएडा की किसी महत्वपूर्ण सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है, जिसमें नोएडा, दादरी और जेवर जैसी सीटों के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। शालिनी सिंह की इस बढ़ती सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि सिंह परिवार अपनी राजनीतिक विरासत को नए क्षेत्रों में विस्तार देने की पूरी तैयारी में है।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सस्पेंस बरकरार
हालांकि बृज भूषण शरण सिंह ने फिलहाल बीजेपी में रहने की बात कही है, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने अपने पत्ते पूरी तरह से नहीं खोले हैं। उन्होंने भविष्य को लेकर कोई भी भविष्यवाणी या बयानबाजी करने से साफ इनकार कर दिया है। उनका यह रुख संकेत दे रहा है कि वह समय और परिस्थिति के हिसाब से अपना अगला कदम उठाएंगे। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अंदर ही अंदर कुछ बड़ी खिचड़ी पक रही है जो आने वाले समय में यूपी की राजनीति का पूरा नक्शा बदल सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले महीनों में यह सियासी ऊंट किस करवट बैठता है।