Gorakhpur News: अस्पताल में मुर्दे का उपचार करने का मामला, डॉक्टर समेत नौ के खिलाफ अब गैंगस्टर में मुकदमा दर्ज होगा
Gorakhpur News: पुलिस ने इन लोगों को फरवरी 2024 में कार्रवाई कर जेल भिजवाया था। एक साल बाद पुलिस द्वारा गैंग चार्ट तैयार कर लिया गया है। पुलिस का मानना है कि डीएम के अनुमोदन के बाद रामगढ़ताल थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज किया जाएगा।;
Gorakhpur News प्रतीकात्मक फोटो (Image From Social Media)
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुर्दे का इलाज करने वाले डॉक्टर, संचालक समेत 09 आरोपियों पर अब गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। पुलिस ने इन लोगों को फरवरी 2024 में कार्रवाई कर जेल भिजवाया था। एक साल बाद पुलिस द्वारा गैंग चार्ट तैयार कर लिया गया है। पुलिस का मानना है कि डीएम के अनुमोदन के बाद रामगढ़ताल थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज किया जाएगा।
वर्ष 2024 में इशू हॉस्पिटल पर कार्रवाई करते हुए हॉस्पिटल संचालिका रेनू के पति गगहा के रियाव निवासी नितिन यादव उर्फ सोनू, अमन यादव उर्फ मोनू, पार्वती नगर निवासी डॉक्टर रणंजय प्रताप सिंह, सिकरीगंज निवासी दिनेश कुमार, झुंगिया बाजार निवासी दीपू, पुरैया निवासी इंद्रजीत, 26वीं वाहिनी पीएसी निवासी सार्थक श्रीवास्तव, झुंगिया निवासी दीपक गुप्ता उर्फ दीपू को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भिजवाया था। संचालिका रेनू यादव के अरेस्ट स्टे लेने की वजह से गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।
सीएमओ ने की थी जांच
बीते वर्ष 17 फरवरी 2024 को सीएमओ आशुतोष दुबे व एसीएमओ ने रुस्तमपुर रोड पैडलेगंज स्थित ईशू हॉस्पिटल के पंजीकरण व मानकों की जांच की थी। जांच के दौरान हास्पिटल में तीन मरीज भर्ती पाए गए। लेकिन मौके पर कोई भी चिकित्सक नहीं मिला। हॉस्पिटल में मात्र पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित थे, जिनकी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा इन फार्मेसी थी। पैरामेडिकल स्टाफ ने अधिकारियों को बताया कि हॉस्पिटल की संचालिका रेनू पत्नी नितिन यादव हैं। नितिन रियाव गांव का प्रधान है। हॉस्पिटल डॉ. रणंजय प्रताप सिंह के नाम से पंजीकृत है। हॉस्पिटल संचालिका, उनके पति नितिन और उसका भाई अमन मरीज देख रहे थे। कोई डाक्टर एवं चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज की मौत हो गई थी। लेकिन नितिन व अमन मृतक के मुंह पर आक्सीजन मास्क लगाकर उसे जीवित बताकर परिजनों से रुपये वसूल रहे थे। इसके बाद सीएमओ ने हॉस्पिटल सील कर केस दर्ज कराया था।