इलाहबाद: हाईकोर्ट ने इंस्पेक्टर सरायइनायत यतींद्र बाबू को लाइनहाजिर करने के मामले में राज्य सरकार और इलाहाबाद के एसएसपी से जवाब मांगा है। साथ ही मामले से संबंधित कागजात तलब किए हैं।
यह आदेश न्यायमूर्ति एसआरएस मौर्य ने यतींद्र बाबू की याचिका पर अधिवक्ता विजय गौतम को सुनकर दिया है। एडवोकेट विजय गौतम ने अपनी बहस में कहा कि इंस्पेक्टर सरायइनायत को उसकी पत्नी की शिकायत पर गलत तरीके से हटा दिया गया है।
जबकि पुलिस रेग्युलेशन के मुताबिक किसी भी इंस्पेक्टर को एक थाने में दो साल की तैनाती के बाद ही हटाया जा सकता है। साथ ही उसे हटाने के लिए पुलिस स्थापना बोर्ड व डीएम की स्वीकृति भी आवश्यक है।