Lucknow News: भू-सम्पदा क्षेत्र में पारदर्शिता के लिए उप्र रेरा का बड़ा कदम, 70 फीसदी रकम परियोजना के सेपेरेट अकाउंट में रखना अनिवार्य

Lucknow News: सभी लाइव परियोजनाओं के कलेक्शन एकाउण्ट नम्बर का विवरण पोर्टल पर प्रदर्शित। सभी प्रोमोटर्स व बायर्स से अपील- रेरा परियोजना कलेक्शन एकाउण्ट में ही बायर्स से प्राप्त धनराशि जमा करें।;

Update:2025-04-04 17:36 IST

Lucknow News (Image From Social Media) 

Lucknow News: भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 में प्रोमोटर को परियोजना विकास के लिए परियोजना में प्राप्त धनराशि का 70 प्रतिशत धनराशि सम्बन्धित परियोजना के सेपरेट एकाउण्ट में रखना तथा उसे केवल परियोजना के निर्माण हेतु व्यय करना अनिवार्य किया गया है।

उ.प्र. रेरा द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश दिनांक 29 नवम्बर 2023 के अनुसार किसी भी प्रोमोटर को अपने परियोजना से सम्बन्धित 03 खातों का विवरण यथा- कलेक्शन एकाउण्ट, सेपरेट एकाउण्ट एवं ट्रान्जक्शन एकाउण्ट, उ.प्र. रेरा पोर्टल पर देना अनिवार्य है। प्रोमोटर द्वारा आवंटियों से प्राप्त धनराशि को परियोजना कलेक्शन एकाउण्ट में लेना विधिक अनिवार्यता है। प्रोमोटर को परियोजना से सम्बन्धित किसी भी माध्यम से किये जाने वाले प्रचार-प्रसार में परियोजना के विवरण के साथ-साथ कलेक्शन एकाउण्ट का विवरण देना अनिवार्य किया गया है। उ.प्र. रेरा द्वारा सभी बैंको को यह निर्देश दिया गया है कि प्रतिदिन कलेक्शन एकाउण्ट में प्राप्त धनराशि का 70 प्रतिशत सेपरेट एकाउण्ट में एवं 30 प्रतिशत धनराशि ट्रान्जक्शन एकाउण्ट में स्वतः अन्तरित कर दिया जाये। सेपरेट एकाउण्ट में प्राप्त 70 प्रतिशत धनराशि का उपयोग परियोजना की पूर्णता से सीधे तौर पर जुड़े कार्याें के लिए किया जाता है। सेपरेट एकाउण्ट से धनराशि उसी अनुपात में निकाली जा सकती है, जिस अनुपात में परियोजना का कार्य हुआ हो तथा जिस कार्य को इंजीनियर, आर्कीटेक्ट एवं चार्टर्ड एकाउण्टेन्ट द्वारा विधिवत प्रमाणित किया गया हो।

कतिपय प्रकरणों में यह पाया गया है कि प्रोमोटर द्वारा आवंटियों से प्राप्त धनराशि को परियोजना कलेक्शन एकाउण्ट में न जमा कराकर अन्य एकाउण्ट में जमा कराया जा रहा है तथा उसका उपयोग परियोजना के विकास कार्याें में नहीं किया जा रहा है। यह रेरा अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है तथा दण्डनीय अपराध है। ऐसे प्रकरणों में उ.प्र. रेरा द्वारा पृथक से कार्यवाही की जा रही है। रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता एवं सेक्टर के सर्वांगीण विकास के दृष्टिगत उ.प्र. रेरा द्वारा रेरा में पंजीकृत लाइव परियोजनाओं के कलेक्शन एकाउण्ट का विवरण उ.प्र. रेरा पोर्टल के Details of Collection Account (Live Projects) लिंक पर उपलब्ध कराया गया है। उ.प्र. रेरा अध्यक्ष, संजय आर. भूसरेड्डी द्वारा का प्रोमोटर्स एवं आवंटियों से अपील की गयी है कि परियोजनाओं में निवेश करने से पूर्व उ.प्र. रेरा पोर्टल पर परियोजना से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरण का परीक्षण कर लें एवं परियोजना के कलेक्शन एकाउण्ट में ही भुगतान करें, जिससे आवंटियों द्वारा जमा की गयी धनराशि का परियोजना के विकास कार्याें में समुचित उपयोग हो सके एवं किसी भी प्रकार का दुरूपयोग न हो तथा परियोजना समय से पूर्ण हो सके। परियोजना पूर्ण होने से जहां प्रोमोटर्स की साख बनती है, बायर्स को उनके आवास का सपना पूरा होता है, वहीं प्रदेश के विकास में रियल एस्टेट सेक्टर की सकारात्मक भूमिका स्थापित होती है।

उ.प्र. रेरा अध्यक्ष, संजय आर. भूसरेड्डी ने यह भी बताया कि अधिनियम के उक्त प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कलेक्शन एकाउण्ट से भिन्न एकाउण्ट में बायर्स का पैसा लिए जाने पर रेरा स्तर से कठोर विधिक कार्यवाही की जायेगी।

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