कोरोना पर अच्छी खबर, कोविड अस्पतालों में कम हुई ऑक्सीजन की मांग

यूपी में कोरोना संक्रमण में कमी आने के साथ ही अब ऑक्सीजन की किल्लत भी खत्म हो गई है। पहले प्रति कोविड अस्पताल यह मांग 30 मीट्रिक टन थी जो अब घटकर 22 मीट्रिक टन हो गयी है।

Update: 2020-10-07 17:31 GMT
यूपी में कोरोना संक्रमण में कमी आने के साथ ही अब ऑक्सीजन की किल्लत भी खत्म हो गई है।

लखनऊ: यूपी में कोरोना संक्रमण में कमी आने के साथ ही अब ऑक्सीजन की किल्लत भी खत्म हो गई है। पहले प्रति कोविड अस्पताल यह मांग 30 मीट्रिक टन थी जो अब घटकर 22 मीट्रिक टन हो गयी है। इसके साथ ही यूपी के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए 72 घंटे के बैकअप की व्यवस्था है।

कोरोना महामारी के मद्देनजर प्रदेश के चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बुधवार को बैठक कर रहे यूपी के प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आलोक कुमार ने अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता रखने का निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी कोरोना संक्रमित का इलाज आॅक्सीजन की कमी से बाधित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन का बैकअप रखा जाये तथा इसकी उपलब्धता की माॅनीटरिंग के लिए कन्ट्रोल रूम स्थापित किए जाएं।

ये भी पढ़ें...RJD के पूर्व नेता की हत्या का मामला गरमाया, CM को चिट्ठी लिख तेजस्वी ने की ये मांग

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता के लिए अलग कन्ट्रोल रूम की स्थापना में परिवहन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थय एवं परिवार कल्याण तथा औद्योगिक विकास को सम्मिलित रखा जाये। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों में ऑक्सीजन उपलब्धता की माॅनीटरिंग व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करते हुए रोजाना इसकी समीक्षा की जाये।

ये भी पढ़ें...मणिपुर-नागालैंड के पूर्व राज्यपाल अश्विनी कुमार ने की आत्महत्या, ये है बड़ी वजह

बैठक में उन्होंने कोविड से अलग अन्य मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन व्यवस्था पर भी ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मरीजों को ऑक्सीजन निर्धारित मूल्य पर ही प्राप्त हो तथा अस्पतालों में इसकी ओवर सप्लाई न हो इसका ध्यान भी रखा जाए।

ये भी पढ़ें...बिहार चुनाव में कितना असरदार होगा लोजपा फैक्टर, किसे नुकसान पहुंचाएंगे चिराग

उन्होंने निर्देश दिया कि ऑक्सीजन की आवश्यकता का जिलेवार विश्लेषण कर लिया जाए और अगर किसी जिलें में अधिक आॅक्सीजन की आवश्यकता है तो उस जिलें के सम्पर्क में रह कर आॅक्सीजन की आपूर्ति की जाए।

दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Tags:    

Similar News