Moradabad Crime News: पशु व्यापारी ने दोस्तों से करवाई थी अपने साथ लूट, ऐसे सामने आया सच

अपराधी कितना भी शातिर क्यों ने हो कोई न कोई गलती जरूर कर देता है।

Report :  Shahnawaz
Published By :  Raghvendra Prasad Mishra
Update: 2021-07-07 17:15 GMT

पुलिस की गिरफ्त में अपनी लूट की साजिश रचने वाले व्यापारी (फोटो साभार-सोशल मीडिया)

Moradabad Crime News: अपराधी कितना भी शातिर क्यों ने हो कोई न कोई गलती जरूर कर देता है। मामले की जांच कर रही पुलिस को भी इसी एक गलती की तलाश रहती है। मुरादाबाद पशु कारोबारी से लूट मामले में हैरान करने वाली बात सामने आई है। 4 जुलाई की इस घटना में पशु व्यापारी ने अपने लूट की झूठी कहानी रची थी, जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने दोनों व्यपारियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही लूट के पैसे और एक तमंचा भी बरामद किया है।

पुलिस के मुताबिक 4 जुलाई को मुरादाबाद कंट्रोल रूम में कॉल कर इमरान नाम के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि वह पाकबड़ा इलाके से अपने पार्टनर नफ़ीस के साथ 10 लाख 50 हज़ार रुपये लेकर स्कूटी से गांव नरखेड़ा जा रहा था। यह गांव जो दिल्ली लखनऊ नेशनल हाईवे 09 पर थाना मुंडा पांडे इलाके में पड़ता है। नेशनल हाइवे पर रामगंगा नदी पुल से काली पल्सर सवान तीन लोगों ने उसकी स्कूटी को टक्कर मारकर गिरा दिया और उनके साथ मारपीट कर तमंचे के बल पर बैग में रखे 10 लाख 50 हज़ार रुपये, स्कूटी व दो मोबाइल फ़ोन लूट कर दिल्ली की तरफ भाग निकले। पशु कारोबारियों से दिन दहाड़े नेशनल हाईवे पर लूट की सूचना मिलने से मुरादाबाद पुलिस के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर रवाना हुए और वहां पहुंचकर पीड़ित पशु कारोबारियों इमरान व नफ़ीस से पूछताछ कर बताए गए हुलिए के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस शुरू से ही लूट को संदिग्ध मानते हुये लूट का शिकार पशु कारोबारियों को अलग अलग पूछताछ की। दोनों ही कारोबारी पुलिस को एक जैसी ही कहानी सुनाने लगे। पुलिस अधीक्षक नगर अमित आनंद ने इस केस के वर्कआउट की जिम्मेदारी थाना कटघर पुलिस व SOG को दे दी। कटघर पुलिस ने दोनों पशु कारोबारियों से घुमा फिरा कर कई घंटे की अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें सच्चाई सामने आ गई।

ख़ुद को लूट का शिकार बता रहे पशु कारोबारी नफ़ीस की एक ग़लती पुलिस ने पकड़ ली और कारोबारियों को घर भेज दिया। उसके बाद पुलिस ने अपने तरीके से छानबीन की तो पशु कारोबारी नफ़ीस ने घटना होने से कुछ देर पहले ही एक नंबर पर कॉल 4 सेकेंड की कॉल अपने रिश्तेदार फैज़ान को की थी। पुलिस ने जब फैज़ान को तलाश किया तो वो फ़रार मिला। पुलिस का अब नफ़ीस के ऊपर पूरा शक़ होने के बाद उसे उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नफ़ीस टूट गया और उसने बताया कि उसके सभी भाई अपना अलग-अलग कारोबार करते थे उसने कई बार अपने परिवार के लोगों से कहा कि उसे कुछ पैसे दे दें जिससे वह अपना व्यापार कर सके।

लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी और उसकी नौकरी इमरान के बड़े भाई के पास 10 हज़ार रुपये महीने पर लगवा दी। कारोबार करने के लिये पेसे की ज़रूरत थी, तब नफ़ीस ने अपने साथी शाहरुख, फरीद, ज़ीशान, फैज़ान, राजू, और राजा के साथ मिलकर साथ लूट का यह नाटक रचा था। पुलिस ने मुख्य आरोपी नफ़ीस को उसके साथी शाहरुख व फ़रीद के साथ गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 10 लाख 50 हज़ार रुपये में से 6 लाख 14 हज़ार रुपये एक 315 बोर का तमंचा व लूट में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है।

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