Allahabad University Clash: यूनिवर्सिटी की 'आग' 48 घंटों के लिए हुई ठंडी, जिला प्रशासन ने छात्रों से मांगा समय

Allahabad University Clash: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि और छात्रसंघ बहाली को लेकर एक बार फिर बवाल हुआ। जिसके बाद झड़प और आगजनी हुई।

Written By :  aman
Update: 2022-12-20 12:06 GMT

 इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में हिंसा (Social Media)

Allahabad University Clash: इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University) कैंपस सोमवार को भड़की हिंसा और आगजनी से सुलग उठा है। छात्र नेता और यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड्स के बीच झड़प के बाद बवाल बढ़ता ही चला गया। विश्वविद्यालय परिसर में 4 घंटे तक अराजकता का माहौल रहा। अब इस झड़प पर राजनीति तेज हो गई। समाजवादी पार्टी इस पूरे विवाद में कूद चुकी है। सपा नेता और पूर्व मंत्री शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने मंगलवार (20 दिसंबर) को झड़प और हिंसा पर बयान दिया। उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रों पर हुई फायरिंग और मारपीट की घटना को दुखद बताया। साथ ही, दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।  

बता दें, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने सोमवार को हुए बवाल मामले में सुरक्षाकर्मी प्रभाकर सिंह की तरफ से छात्र नेता विवेकानंद पाठक (Student leader Vivekananda Pathak) सहित 8 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। शिवपाल यादव ने प्रयागराज में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कही। सपा नेता ने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा। वहीं, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों का आंदोलन अगले 48 घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया है। सिक्योरिटी गार्ड की गिरफ्तारी के लिए जिला प्रशासन ने छात्रों से 48 घंटे का समय मांगा है।

लाठी-डंडे-फायरिंग,..सब हुआ 

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में सोमवार शाम जमकर मारपीट हुई। छात्र नेता और सुरक्षाकर्मियों में झड़प ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। घटना में छात्र नेता विवेकानंद का सिर फट गया। आरोप है कि यूनिवर्सिटी गार्ड्स ने लाठी-डंडों से छात्रों को पीटा ,साथ ही सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग के आरोप भी लगे। जिसके बाद, परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। हॉस्टल से जुटे सैकड़ों छात्रों ने जमकर पथराव किया। जिस पर पलटवार भी हुआ। सोमवार को मारपीट में छात्र नेता विवेकानंद का सिर फट गया। 

क्या है मामला 

सुरक्षाकर्मी प्रभाकर सिंह ने कर्नलगंज थाने में केस दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने बताया कि वो सोमवार को विश्वविद्यालय यूनियन हॉल पर ड्यूटी पर थे। इस दौरान विवेकानंद पाठक कुछ छात्रों के साथ मौके पर पहुंचे। वो अंदर जाने का प्रयास करने लगे। विवेकानंद पाठक ने यूनियन हॉल के मेन गेट खोलने के लिए दबाव डाला। सुरक्षा गार्ड ने छात्रों से कहा कि, मुख्य गेट खोलने का आदेश यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से नहीं दिया गया है। आप छोटे गेट से अंदर जा सकते हैं। इसके बाद विवेकानंद पाठक गुस्सा हो गए। उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दिया। मारपीट भी करने लगे। उनके द्वारा बुलाने पर कई अन्य छात्र नेता भी मौके पर पहुंच गए। स्टूडेंट्स सुरक्षाकर्मियों पर पथराव करने लगे। छात्रों ने परिसर में खड़ी गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की। कुछ को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान, विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। यूनिवर्सिटी दफ्तर के कांच और गमले तक तोड़ दिए गए। कैंटीन में आगजनी हुई। 

44 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज

इसके पहले, सोमवार की देर रात छात्र नेता विवेकानंद पाठक ने यूनिवर्सिटी के 44 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जान से मारने का प्रयास सहित कई धाराओं में केस दर्ज कराया था। आज विवि प्रशासन की ओर से क्रॉस केस दर्ज कराया गया है।

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